वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

संस्कृत भारती के तत्वावधान में नगर के मुड़िया महन्त मन्दिर में प्रतिदिन दो घण्टे चल रहे संस्कृतसम्भाषण शिविर का समापन हो गया। इस शिविर में समाज के प्रतिष्ठित जनों में संस्कृत डॉ राम अवतार शर्मा पूर्व प्राचार्य, डॉ रामेश्वर माहेश्वरी प्राकृतिक चिकित्सक, श्री हरिप्रकाश त्रिपाठी पूर्व अधिशासी अभियंता, श्री शरद श्रीवास्तव प्रवक्ता, राजकिशोर दीक्षित प्रवक्ता रसायन विज्ञान, श्रीमती मधूलिका त्रिपाठी सचिव रोटरी क्लब श्रीमती अर्चना जी इनरव्हील क्लब सुषमा जी योग शिक्षिका, श्रीमती अखिलेश कुमारी गृहिणी श्रीधर मौर्य शिक्षक आनन्द जी शिक्षक कुमारी प्रज्ञा श्रीमती माण्डवी गृहिणी आचार्य पंकज कृष्ण शास्त्री भागवताचार्य श्री राघवेन्द्र शिवांशी आदि 16 लोगों के साथ साथ छात्रों ने भी संस्कृत बोलना सीखा।शिविर संचालक संस्कृतभारती के प्रांत मन्त्री डॉ ओंकार नारायण भारद्वाज ने समापन के अवसर पर दीक्षान्त भाषण देते हुए बताया कि संस्कारों का स्रोत संस्कृत प्रत्येक मानव को पढ़ना एवं बोलना चाहिए।इससे हमारे अन्दर सदगुणों का विकास होता है और हम मानव बन पाते है।शिविर की सहायक शिक्षिका मीना कुमारी एवं पूजा बाजपेई ने विभिन्न उपकरणों के माध्यम से संस्कृत सिखाने की कला का प्रदर्शन किया।समापन अवसर पर विभाग संयोजक डॉ कृष्णकुमार तिवारी ने संस्कृत की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डाला।धन्यवाद ज्ञापन नगर अध्यक्ष कृपाशंकर मिश्र ने किया।
