चेक बाउंस होने पर न्यायालय से हुआ एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा तथा लगा एक लाख नब्बे हजार का जुर्माना | New India Times

राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

चेक बाउंस होने पर न्यायालय से हुआ एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा तथा लगा एक लाख नब्बे हजार का जुर्माना | New India Times

भूपेंद्र तिवारी न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ने आज 11 सितंबर 2019 को आरोपी राजेश अहिरवार पिता पंचम अहिरवार निवासी चांदपुर को पराक्रम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 का दोषी पाते हुए एक वर्ष सश्रम कारावास तथा 1 लाख 90 हजार रुपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया है और भुगतान न करने की दशा में दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा सुनाई है।
परिवादी अजित जैन द्वारा आरोपी राजेश अहिरवार के विरुद्ध अपने अधिवक्ता संजय बरोदया के माध्यम से न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया था। परिवादी को आरोपी राजेश अहिरवार ने ऋण भुगतान हेतु दिनांक 20 मई 2017 को एक चेक 1 लाख 50 हजार रुपये का आई.डी.बी.आई बैंक का दिया था जो अजित जैन ने अपने खाते में जमा किया था। राजेश अहिरवार के खाते में राशि कम हो जाने का कारण चेक बाउंस हो गया जिसके सम्बंध से अजित जैन ने कानूनी कार्यवाही कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। समस्त साक्ष्य पश्चात न्यायालय द्वारा परिवादी के अधिवक्ता संजय बरोदया के तर्कों से सहमत होते हुए निर्णय सुनाया तथा आरोपी को दोषी पाते हुए दंडादेश दिया।

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