रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ में आयोजित देवाधिदेव भगवान महादेव के शुभ विवाह प्रसंग की कथा में कथावाचक पंडित कैलाश त्रिपाठी ने यज्ञ नारायण भगवान, दक्षिणा, माता अनुसूया तथा माता सती के चरित्र का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने धार्मिक कार्यों के महत्व पर बल देते हुए माताओं-बहनों को पतिव्रत धर्म, बुजुर्ग माता-पिता की सेवा तथा विवाह संस्कार के सात वचनों का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कार और सेवा का मार्ग ही जीवन को सफल और सार्थक बनाता है। कथा में भक्ति, करुणा, वीर, हास्य सहित विभिन्न रसों का सुंदर समावेश हो रहा है, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं।
इस अद्भुत हरिहर कथा में झाबुआ नगर के विभिन्न समाजों के धर्मप्रेमी बंधु एवं माताओं-बहनों की प्रतिदिन बढ़ती संख्या में सहभागिता हो रही है।
सामाजिक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज राठौर ने कथा श्रवण के दौरान श्रावण मास को सनातन धर्म का विशेष पर्व बताते हुए सभी शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया।
कथा में जैन समाज के वरिष्ठ दिलीप संघवी, रिंकू रुणवाल, सैन समाज के घनश्याम भांटी, भेरूसिंह, सुजामल सांकला, चिंटू सांकला, पंवार परिवार से रमेशचंद्र पंवार, जगदीश पंवार, भंवर सिंह, लक्ष्मीनारायण चौहान, बंटी ब्रजवासी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं महिला मंडल ने कथा श्रवण का लाभ लिया। अंत में मंदिर के पुजारी श्री देवेंद्र पुरी एवं उनके परिवार ने सभी भक्तजनों का आभार व्यक्त किया।

