नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
18 अगस्त की शाम 6 बजे जामनेर औद्योगिक प्रखंड परीपेक्ष में संजय चव्हाण नाम के युवक का खुन से सना शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्या की आशंका से तमाम सबूत जुटाये जिसमें मृतक के क्षतिग्रस्त मोबाईल के जरीये काल डीटेल्स खंगाली गयी और हत्या की गुथी सुलझने लगी। देररात तक पुलिस अधिकारी प्रताप इंगले समेत स्थानीय अधिकारियों ने पंचनामा कर संजय के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल रेफ़र किया और 19 अगस्त की सुबह फ़िर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने सबूतों की तलाश में पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया तब चौंकाने वाला सच पेड़ पर लटकी लाश के रुप में सामने आया। यह लाश थी पुन्ड़लिक पाटील की जो जामनेर बस डिपो में कंडक्टर था। पुलिस ने इन दोनों मामलों के बीच की लिंक जोड़ी तो अप्राकृतिक संबंध होने का अंदेशा व्यक्त किया।
बजरंगपुरा निवासी संजय चव्हाण 27 साल की पुन्ड़लिक पाटील से मित्रता थी, इसी मित्रता को समाज संदेह की नजर से देखने लगा था, तरह तरह कि बातेँ और व्यंग चर्चाओं के माध्यम से अपने चरम रहे, इस दौरान पुन्ड़लिक पाटील को संजय का उसके पारिवारिक मामलों में दखल देना नागवार गुजरा और उसने संजय को शाम 5 बजे जामनेर के बाहर विकसित हो रहे औद्योगिक प्रखंड में बुलाया जहां दोनो ने शायद शराब भी पी। इसके बाद पाटील ने संजय के सिर पर पिछले हिस्से में ईंट से प्रहार किया और उसकी हत्या कर दी और खून से सने संजय के शव को वहीं छोड़कर पाटील कुछ ही दूरी पर स्थित एक आश्रम में आया जहाँ उसने आश्रम के सेवादार से किसी बहाने से रस्सी माँगी जिसे लेकर वह दूर निकल गया और सुनसान इलाके में एक पेड़ से लटककर उसने भी आत्महत्या कर ली। जहां पर यह वारदात हुई वह शहर से 3 किमी दूर है और छोटेमोटे टीलों पहाडियों वाला इलाका है। पुलिस ने रमेश शामराव चव्हाण के तहरीर पर संजय की हत्या के आरोप में पुन्ड़लिक पाटील के खिलाफ़ धारा 302, 201 तहत मामला दर्ज किया है वहीं पुन्ड़लिक पाटील के आत्महत्या को पुलिस ने आकस्मात मृत्यु के तौर पर कलमबद्ध किया है। पूरे केस में अन्य बिंदुओं की जांच में पुलिस जुटी हुई है।
