संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

अगर कुछ समय पहले तक हम रक्त दान की बात करें तो लोग इसके लिये कई बहाने बनाते थे। लेकिन आज-कल हर इंसान बढ़-चढ़ कर रक्त-दान में भाग ले रहा है।
अब रक्त-दाता काफी आसानी से मिल जाते हैं। इसका बहुत ज्यादा श्रेय समाजसेवी अधिवक्ता दिलीप शर्मा को जाता है,जो कि 2012 से रक्त दान को लेकर मुहिम छेड़े हुये हैं।
रक्त दान-महादान संस्था के माध्यम से देश भर में सिर्फ कुछ मिनटों में ही फोन कॉल से जरूरतमंद को ब्लड उपलब्ध करा देते हैं। संस्था के डोनर दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं।जयारोग्य अस्पताल की ब्लड बैंक सहित कई शहरों में इस संस्था ने ब्लड-डोनेट कैम्प लगाए हैं। अभी तक लगभग 6 हजार मरीजों को ये रक्त उपलब्ध करा चुके हैं।
शिंदे की छावनी में इन्होंने एक ब्लड-डोनेट सेंटर भी बनाया है। ऑफिस बंद होने पर इन्हें
(1) 1800-233-2-666 (टोलफ्री)
(2) 0751-233-3-666 (लैंडलाइन)
(3) 0992-631-7-251 (व्हाट्सअप) नम्बरों पर सम्पर्क किया जा सकता है।
समाज सेवा मेरे जीवन का उद्देश्य
मेरे जीवन का उद्देश्य पैसा या नाम कमाना नहीं बल्कि समाज सेवा करना है। जरूरतमंद की मदद करके ही मुझे असीम सुख मिलता है। यह कहना है समाजसेवी अधिवक्ता दिलीप शर्मा का।
संस्था चलाने के लिये समाज देता है पैसा
रक्तदान-महादान संस्था के ऑफिस को चलाने के लिये समाज ही इनकी मदद करता है। समाज के कुछ धनाढ्य इन्हें हर महीने आर्थिक मदद करते हैं।
अधिवक्ता भी करते हैं मदद
वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद भारद्वाज, स्टेट बार के कोषाध्यक्ष जितेंद शर्मा, अधिवक्ता प्रेमसिंह भदौरिया, अधिवक्ता संजय द्विवेदी, अधिवक्ता प्रशांत शर्मा, अधिवक्ता विवेक खेड़कर, अधिवक्ता महेश गोयल, अधिवक्ता प्रतीप विसोरिया आदि कई अधिवक्ता भी संस्था को आर्थिक मदद करते हैं।
