रहीम शेरानी/मुकेश वसुनिया, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिला के मेघनगर, थांदला, पेटलावद, रंभापु, र मदरानी, काकनवानी और राणापुर नगर के दशहरा मैदान स्थित शीतला माता मंदिर में मध्यरात्रि से ही महिलाओं की भीड़ जुटना शुरू हाे गई थी। सुबह 3 से 9 बजे तक महिला दर्शनार्थियों की भारी भीड़ रही। मंदिर में पूजा अर्चना का दाैर दाेपहर तक जारी रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने शीतला माता की पूजा-अर्चना कर दर्शन लाभ लिया। आस्था और भक्ति के बीच महिलाओं ने घंटों खड़े हाेकर पूजा-अर्चना की। माता की पूजा कर महिलाओं ने घर परिवार में सुख-समद्धि व खुशहाली की कामना की। वहीं युवतीयाें ने मनचाहे वर की प्रार्थना की। माता के मंदिरों में महिलाएं आकर्षक परिधानाें में संज-सवार कर आई थी और उनके हाथों में पूजन सामग्री से सजी थालियां थी। नए परिधानाें में सजे युवक-युवतियाें व बच्चों ने सुबह से ही घंटों कतार में लगकर दर्शन किए। पंडित हैमेन्द गोस्वामी ने बताया रात्रि के करीब 12 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना प्रारंभ हो गई। थी जिले सहित अंचल में इस पर्व काे लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने काे मिला। शीतला माता मंदिर पर माता को जल चढ़ाने के बाद हल्दी, कुमकुम, अक्षत, अबीर, गुलाल, पान, श्रीफल आदि से पूजन करने के बाद दही, पापड़ के अलावा विभिन्न प्रकार का बना ठंडा भाेजन चढ़ाया। इसी के साथ चामुंडा माता मंदिर पर महिलाओं ने परंपरानुसार पूजा की प्रसादी चढ़ाई। मंदिर पर शीतला सप्तमी पर्व को लेकर मंदिर की विशेष साज सज्जा व श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। प्रजापत समाज के कनु प्रजापत, महेश प्रजापत, जितेन्द्र, नटवर, पटेल, गोविंद आदी के द्वारा व्यवस्था संभाली हुए थी। नगर के सभी घरों में पर्व पर चूल्हा नही जलाया गया आैर दाेनाें ही वक्त ठंडा भाेजन ग्रहण किया गया। महिलाओं द्वारा एक दिन पहले मंगलवार रात को ही भोजन तैयार कर लिया था। दरअसल, शीतला सप्तमी पर ठंडा खाना खाने की परंपरा है। शीतला सप्तमी पर्व की हलचल नगर में दिनभर देखी गई। लाेगाें ने मंदिर में दर्शन कर अपने मित्रों के साथ सप्तमी पर बने ठंडे व्यंजनाें का लुत्फ उठाया। दाेपहर बाद से परिचित व रिश्तेदाराें के घर महिलाएं प्रसादी लेकर पहुंची। शीतला सप्तमी पर नगर के सैकड़ों घरों में एक दिन पूर्व बना ठंडा खाना खाया।
मेला का उठाया लुत्फ
सप्तमी पर्व पर हाेली चकला पर एक दिवसीय मेला लगा जिसमें युवक-युवतियों व बच्चों ने झुलाें का आनंद लिया। देर शाम तक लाेगाें ने मेले का लुत्फ उठाया, मेले में आसपास के अंचल के भी ग्रामीण जन पहुंचे थे।
