वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिला में जहां हर रोज नए वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है वहीं सड़क हादसे भी दिन-रात बढ़ रहे हैं। अगर हम बात करें इस एक माह की तो दर्जनों लोग सड़क हादसों का शिकार हो गए हैं जिसमें बड़ी संख्या में लोग घायल हुए है हालांकि पुलिस और परिवहन विभाग हमेशा हादसों पर अंकुश लगाने की सिर्फ और सिर्फ बात करती है।
जानकारी के अनुसार लखीमपुर खीरी में परिवहन और पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार चर्म पर है। इसी गठजोड़ के चलते जनपद भर की सड़के खून से लाल हो रही हैं और लोग काल के गाल में समाते जा रहे हैं। चंद पैसों के खातिर कब तक डग्गामार वाहनों से होती रहेंगी मौतें यह बड़ा सवाल प्रशासन पर बना हुआ है। इन दिनों सड़कों पर डग्गामार वाहनों की भरमार है। सभी नियमों को ताक पर रखकर ये डग्गामार वाहन मैलानी, फरधान, गोला थाने के सामने से फर्राटे भरते हुए निकलते हैं और पुलिस प्रशासन मौन धारण कर बैठा रहता है। इन डग्गामार वाहन चालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि इनको न तो पुलिस का ख़ौफ है और न ही परिवहन विभाग का। लोगों का कहना है कि ये डग्गामार वाहन स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग की मिलीभगत से चल रहे हैं। जब कभी कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो एक दो डग्गामार वाहनों पर कार्यवाही कर विभाग इतिश्री कर लेता है और कुछ दिनों बाद ये वाहन फिर पुलिस और परिवहन विभाग के संरक्षण में सवारियों को भूसे की तरह भरकर फर्राटे भरने लगते हैं। पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग चंद रुपयों के लालच के चलते आँखों पर पट्टी बांधकर बैठा है और इस घोर लापरवाही का खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
