फराज अंसारी, लखनऊ ( यूपी ), NIT; ​उप्र विधानसभा चुनाव -2017: विधानसभा चुनाव के त्रिकोणीय मुकाबले में कौन होगा विनर ??? | New India Times

 उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनावी दंगल जरी है। 7 चरणों में स 6 चरणों के मतदान हो चुके हैं। सभी दलों की किस्मत 11 मार्च को तय होनी है। इस त्रिकोणीय मुकाबले में कौन होगा विनर यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जाहिर तौर पर बसपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन या भाजपा की सरकार बनेगी। अभी 7 चरणों के चुनाव में से एक चरण बाकी है जिसमें सभी दल अपनी पूरी ताकत से मैदान में उतर गए हैं।​उप्र विधानसभा चुनाव -2017: विधानसभा चुनाव के त्रिकोणीय मुकाबले में कौन होगा विनर ??? | New India Timesउत्तरप्रदेश में कुछ लोग बसपा सरकार के आने का कयास लगा रहे हैं तो कुछ सपा-कांग्रेस गठबंधन के। लेकिन महाराष्ट्र के निकाय चुनावों के परीणाम देख कर लोग असमंजस में पड गये हैं। महाराष्ट्र के नागपुर चुनाव परिणाम सामने आने के बाद जिस तरह ईवीएम मशीन में गड़बड़ी के आरोप भाजपा पर लग रहे हैं और जिस तरह शिवसेना समेत सभी भाजपा विरोधी पार्टियां एक प्लेटफॉर्म पर आ कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उसे देख कर सभी असमंजस में हैं कि कहीं महाराष्ट्र की तरह उत्तर प्रदेश में भी ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी कर बीजेपी सत्ता में न आ जाए।

वैसे उत्तरप्रदेश में मायावती सरकार में बनायी गयी मूर्तियां और पार्क का अनावरण होने लगा है। उनकी साफ़ सफाई के साथ-साथ उनकी चमक दमक पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पानी की व्यवस्था के लिए लाखों रूपए के प्लंबिंग मटेरियल भी आ गए हैं।​उप्र विधानसभा चुनाव -2017: विधानसभा चुनाव के त्रिकोणीय मुकाबले में कौन होगा विनर ??? | New India Timesयही नही, इन पार्कों को चमकाने की सीमा भी तय कर दी गयी है। 11 मार्च तक अधिकारियों को आदेश भी दे दिए गए हैं। संभवतः यह इस वजह से किया जा रहा है कि कहीं उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार आती है तो उनकी बैंड बज जायेगी। खैर, अधिकारियों ने इस बात का खंडन करते हुए कहा कि ये रूटीन का ही काम है।

गौरतलब है कि इन पार्को के निर्माण के बाद प्रदेश में सपा सरकार आ गयी थी, तब से इन पर किसी भो तरह का ध्यान नही दिया जा रहा था। लगता है पार्टियों की तरह अधिकारी भी असमंजस में हैं इसलिए किसी भी पार्टी से खतरा मोल लेने से बचने की भरसक कोशिश कर रहे हैं।

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