रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, झाबुआ (मप्र), NIT:

आजादी की 50 वीं वर्षगांठ के बाद देश में जन सामान्य ध्वज को फहराने के उत्साह से लाभ लेने लगा है। प्रति वर्ष यह देखने में आ रहा है कि अति उत्साह में हम राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान हेतु बनाए गए नियमों की सही जानकारी नहीं होने के कारण अनजाने ही सम्मान की जगह अपमान कर बैठते हैं। 26 जनवरी को राष्ट्रीय त्योहार पर हम साधारण बातों को अपना कर अपनी त्रुटि को सुधार सकते हैं। नियम के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज निर्धारित मानक लंबाई चौड़ाई का सूती अथवा रेशमी खादी का होना चाहिए और सूर्योदय के पश्चात फहराया जाना चाहिए, राष्ट्रीय ध्वज बदरंग कटा फटा असमान नहीं होना चाहिए। यदि हम राष्ट्रीय ध्वज को सही तरीकों से फहराएं तथा नियमों का पालन करें तो हम अच्छे नागरिक होने के साथ ही अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन भी कर रहे हैं। यदि हम सही ढंग से नहीं अपना सकते तो बेहतर होगा कि हम पहले सही जानकारी प्राप्त कर लें, आशा है हम अच्छे जागरूक नागरिक बन कर अपनी देशभक्ति सिद्ध करेंगे।
जय हिंद।
