सुहेल फारुकी, मुंबई, NIT;
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जहां हर पार्टी अपनी सरकार बनने का दाव कर रही है वहीं सट्टा बाजार में भाजपा दूसरे पहले पायदान पर पहुंच गई है। चुनाव में जहाँ नेता जुबानी तीर चला कर माहौल को अपने पक्ष में करने की कवायद में जुटे हैं वहीं सट्टा बाजार में सभी पार्टियों कीमत और स्थान तय कर दी गई है।नइन सबके बीच उत्तर प्रदेश के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपनी सरकार बनाने को उत्सुक दिखाई दे रहे हैं।
मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सट्टा बाजार में बीजेपी पर ज्यादा भाव लगाया जा रहा है। इस बीच चुनाव नतीजों को लेकर सट्टा बाजार में उथल-पुथल शुरू हो गई है। सट्टा बाजार में सभी पार्टियों के भाव और सीट तय हो चुकी हैं। सटोरियों से बात करने पर पता चला कि सट्टा बाजार में भी भाजपा को बढ़त दिखाई जा रही है। सटोरियों ने इस भाव के आधार पर ही सौदेबाजी भी शुरू कर दी है।
सट्टा बाजार के खिलाड़ियों की मानें तो भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। सटोरियों की नजर में भाजपा सरकार भी बना सकती है। चार चरणों के चुनाव के बाद सट्टा बाजार में भाजपा को 168 से 170 सीट दी जा रही है। वहीं अखिलेश यादव और राहुल गांधी की जोड़ी सट्टा बाजार में दूसरी पसंद है। सटोरियों की मानें तो शुरू में 220 से 222 सीट पर सपा के कब्जा करने का भाव खुला था, लेकिन धीरे-धीरे सपा-कांग्रेस का भाव कम होता चला गया। अब सट्टा बाजार में सपा-कांग्रेस के गठबंधन को 152 से 154 सीटें दी जा रही हैं।
सट्टा बाजार की नजर में बसपा तीसरे नम्बर पर रहेगी। बसपा को सटोरियों ने मात्र 68 से 70 सीट देकर सभी को चौंका दिया है। लगातार उतर-चढ़ रहे राजनैतिक पार्टियों के भाव चर्चा का विषय बना हुआ है। सट्टा बाजार से जुड़ी यह खबर भाजपाइयों के लिए बड़ी राहत देती नजर आ रही है।
