बिहिया व नालंदा की घटना के विरोध में महिला संगठनों ने प्रतिरोध मार्च करते हुए मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे के साथ की डीएम व एसपी को बर्खास्त करने की मांग | New India Times

अतिश दीपांकर,पटना (बिहार), NIT; 

बिहिया व नालंदा की घटना के विरोध में महिला संगठनों ने प्रतिरोध मार्च करते हुए मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे के साथ की डीएम व एसपी को बर्खास्त करने की मांग | New India Times​बिहार की विभिन्न महिला संगठनों ने पिछले दिनों बिहिया में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में एक महिला को नंगा कर घुमाये जाने और हिंसा किए जाने के विरोध में प्रतिरोध मार्च निकाला। महिला संगठनों ने नालंदा जिले के पावापुरी में एक दलित महिला द्वारा जबरन संबंध बनाए जाने का विरोध करने पर जिंदा जलाने की शर्मनाक घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया।

स्थानीय रेडियो स्टेशन से जुलूस निकाला गया जो डागबंगला तक गया और फिर सभा में तब्दील हो गया। महिलाओं का हुजूम बिहिया की घटना के साथ बिहार में लगातार महिलाओं पर हो रही हिंसा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से इस्तीफे की मांग की और साथ ही भोजपुर के डीएम व एसपी पर तत्तकाल करवाई करने की मांग की। बिहिया थाना प्रभारी को बर्खास्त करने और महिलाओं के प्रति घृणा फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ कारवाई करने की मांग की गई।​बिहिया व नालंदा की घटना के विरोध में महिला संगठनों ने प्रतिरोध मार्च करते हुए मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे के साथ की डीएम व एसपी को बर्खास्त करने की मांग | New India Timesसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, जहां हमारी बच्चियों के साथ सरकारी संरक्षण में बलात्कार होता है, जहां भी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया जाता है, जहां जबरन संबंध बनाने का विरोध करने पर महिला को जिंदा जलाने का प्रयास किया जाता है, जहां पुलिस – प्रसाशन की मौजूदगी में महिला को नंगा कर घुमाया जाता है और पुलिस तमामशबीन बनी रहती है, उस देश व राज्य की सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

बिहार की तमाम महिला संगठनों ने बिहिया की घटना के लिए जिम्मेदार पदाधिकरियों के खिलाफ कड़ी कारवाई करने और इस जघन्य कांड में शामिल लोगों को कठोर सजा दिलाने की मांग की है।
 बिहार के नालंदा के पावापुरी की घटना में जला दी गई महिला के समुचित इलाज और अपराधियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की गई। ज्ञात हो कि अभी उस महिला का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है, वह 80 प्रतिशत जल चुकी है।

मार्च में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन-ऐपवा, बिहार महिला समाज, बिहार विमेंस नेटवर्क सहित कई महिला संगठनों ने हिस्सा लिया। 
मार्च में ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, ऐपवा की बिहार राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे, अनिता सिन्हा, विभा गुप्ता, मधु, बिहार महिला समाज की सुशीला सहाय, पल्लवी, महिला जागरण केंद्र से बीना, रीता राजपूत, प्रमिता सहित कई अन्य  महिलाएं शामिल हुईं।

यह जानकारी ऐपवा की महिला शाखा ने दी है।

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