इरफान खान, अलीराजपुर (मप्र), NIT;
विगत 23 जुलाई से अपने वेतन विसंगति दूर करने एवं 23 सूत्रीय मांगों को लेकर अलीराजपुर जिले में हड़ताल कर रहे लिपिक /चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का धरना आंदोलन मंगलवार को 9वें दिन भी जारी रहा। हड़ताल की वजह से जिला मुख्यालय सहित 6 ब्लॉक के सभी सरकारी कार्यालय सुने पड़े रहे। इन कार्यालयों में किसी प्रकार का कोई सरकारी काम नही हो रहा है। फाइलें, नोटशीट, आवेदन पत्र आगे नही बढ़ पा रहे हैं। कल महीने की प्रथम तारीख है, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को वेतन भुगतान होना था परंतु हड़ताल होने कारण कल वेतन भुगतान मुश्किल है। इस वजह से आम कर्मचारियों एवं अधिकारियों को मुसीबतें झेलना पड़ सकती है।
जिला लिपिक संघ की कोर कमेटी ने आज जिला मुख्यालय पर स्थित विभिन्न सरकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया जिसमें कोई भी लिपिक वर्ग काम करता हुआ नहीं पाया गया। लगभग सभी कार्यालय सुनसान पड़े थे जिसमें सन्नाटा पसरा हुआ था। आज धरना स्थल पर मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल एवं संरक्षक श्रीमाली उपस्थित हुए और लिपिक संघ द्वारा की जा रही हड़ताल का समर्थन किया। धरना आंदोलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लिपिक वर्ग की 30 साल पुरानी वेतन विसंगति संबंधी मांगें जायज हैं, सरकार को इसका निराकरण शीघ्र करना चाहिए। लिपिक वर्ग सरकारी तंत्र में रीढ़ की हड्डी होता है उसकी परेशानी को सरकार को समझना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि इस प्रदेशव्यापी धरना आंदोलन और हड़ताल का व्यापक असर पड़ेगा और शासन को लिपिक वर्ग की मांग को मानना पड़ेगा।धरना स्थल पर उपस्थित हड़ताली कर्मचारियों ने लिपिक एकता जिंदाबाद जिंदाबाद और हमारी मांगे पूरी करो पूरी करो जैसे गगनभेदी नारे लगाकर अपना विरोध प्रकट किया। जिला लिपिक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह पंवार ने आज जोबट और आजाद नगर का दौरा किया और वहां पर लिपिक कर्मचारी द्वारा की जा रही हड़ताल का जायजा लिया ओर आंदोलन की रूपरेखा बताई। दोनों स्थानों के धरना आंदोलन पर बड़ी संख्या में लिपिक कर्मचारी हड़ताल पर दिखाई दिए। जिन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
