वी.के.त्रिवेदी, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT;
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिला के तहसील मोहम्मदी में योगी सरकार के निर्देशों की खुलेआम मोहम्मदी गेहूं क्रय केन्द्रों पर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।किसान गेहूं लेकर जाता है तो उसको यह कह कर टाल दिया जाता है कि बारदाना नहीं है। तीनों सेंटरों पर पैसे की दम पर कार्यक्रम चल रहा है।अगर पैसा है या कोई पावर है तो सेंटरों पर किसानों का गेहूं तोला जाता है, आम जनता का कोई पुरसाहाल नहीं है।
प्रभारियों का कहना है कि यहां जमीन में गेहूं डाल दीजिए अगर बरसात हुई तो उसके जिम्मेदार हम नहीं होंगे। यहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है, किसानों के लिए कोई व्यवस्था मंडी समिति के अंदर नहीं है। किसानों के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं है, यहां पानी के लिए किसान तरस रहे हैं। कई हफ्ते से पानी की टंकी भी बंद पड़ी है जबकि बारदाना के कई लगी गाठे सामने लगी हुए नजर आ रहे हैं। अगर किसान उनसे पूछता है कि बारदाना तो आपके पास है तो उसके ऊपर उनसे सुविधा शुल्क मांगा जाता है जिसको लेकर किसानों के चेहरों पर मायूसी छा जाती है और घर वापस चले जाते हैं। यह कब तक चलता रहेगा? क्या किसान को इससे निजात मिल पाएगी???
