नगर निगम झांसी उडा रही है स्वच्छ भारत अभियान का मजाक, कचरों के अंबार व बदबू से शहरी परेशान | New India Times

अरशद आब्दी/राहुल कोष्टा, झांसी (यूपी), NIT;

नगर निगम झांसी उडा रही है स्वच्छ भारत अभियान का मजाक, कचरों के अंबार व बदबू से शहरी परेशान | New India Times

झाँसी नगर के मोहल्ला बरियातारा उन्नावगेट पुलिस चौकी के समीप कचरे का अंबार दिखाई दे रहा है जबकि वर्तमान सरकार स्वच्छता मिशन का राग अलाप रही है।

नगर निगम झांसी उडा रही है स्वच्छ भारत अभियान का मजाक, कचरों के अंबार व बदबू से शहरी परेशान | New India Times

झांसी नगर में सफाई कर्मचारी सरकार के आदेशों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। मोहल्ला बरियातारा की हालत यह है कि लोग पैदल निकलना पसंद नहीं करते हैं, बीच रास्ते में कूड़े का अंबार लगा रहता है। वहां के रहने वाले जहां बदबू से परेशान हैं वहीं अनेक बीमारियों से ग्रसित भी हो रही है लेकिन झाँसी नगर निगम के अधिकारी अपनी आँखों पर पर्दा डाले अपने ऑफ़िस में बैठे रहते हैं। कागज़ों पर दिखाई जा रही है कि झाँसी नगर में सफ़ाई की व्यवस्था बिल्कुल ठीक है लेकिन हकीकत कुछ और ही दर्शा रही है। कूड़े घर के पास ही सार्वजनिक शौचालय भी बना हुआ है, जिसकी सफ़ाई महीनों तक नहीं होती है, लेकिन सफाई का खर्च सरकारी कागज़ों पर ज़रूर चढ़ता रहता है। वहीं मंदिर भी है जहाँ भगवान का वास बताया जाता है। जब जानकारी ली गई तो ज्ञात हुआ कि बदबु की वजह से महिलाएं पूजा करने तक नही जा पाती हैं, क्योंकि मंदिर के पास शौचालय और कूड़ा घर बना रखा है, जहां पालतू गायों का भोजन होता है और राहगीरों को परेशानी और बदबू का सामना करके निकलना पडता है। लेकिन जो लोग वहाँ रहते हैं उनका दर्द नगर निगम झाँसी को नहीं दिखाई दे रहा है। बच्चों को बुखार, डायरिया, मलेरिया जैसी ग़ंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। हद तो यहाँ तक है कि बरियातरा निवासियों का कहना है कि अगर हम अपने घर में कोई प्रोग्राम भी रखते हैं या पूजा रखते हैं तो हमारे घरों में मेहमान आने तक को तैयार नहीं होते जिसकी वजह सिर्फ एक है वो है बरियातरा का कूड़ा घर। बरसात में लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है क्योंकि जल निकासी का कोई इम्तेज़ाम नहीं है। पालतू गायें, कुत्ते मंदिर में बैठे रहते हैं, या यूँ कहा जाए कि वर्तमान सरकार खुल्लमखुल्ला भगवान की आस्था का तमाशा बना कर रख दिया है। मंदिरों में भगवानवास करते हैं लेकिन ये एक झाँसी नगर का पहला मंदिर कहलाता है जहाँ सिर्फ लोगों के पालतू पशु और आवारा कुत्ते पवित्र मंदिर के पास आस्था का मज़ाक बनाते दिखाई देते हैं।

नगर निगम झांसी उडा रही है स्वच्छ भारत अभियान का मजाक, कचरों के अंबार व बदबू से शहरी परेशान | New India Times

जबकि बरियातरा के निवासियों का कहना है कि कई बार नगर निगम झाँसी के आला अधिकारियों को लिखित रूप में भी सफ़ाई की गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन नगर निगम झाँसी के उच्च अघिकारियों के कान में किसी की परेशानी की आवाज़ नहीं जाती और सफ़ाई के नाम पर वर्तमान सरकार को लिखित रूप में सफ़ाई का ख़र्च का कागज़ ज़रूर जाता है। निवासी परेशान हैं। वर्तमान पार्षद का भी कहना है कि सफ़ाई होती है लेकिन हकीकत सामने है क्योंकि तस्वीर कभी झूट नहीं बोलती। यही है हमारा भारत महान।

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