अब्दुल वहीद काकर, धुलिया ( महाराष्ट्र ), NIT; 
देश में पहले मेडिकल की पढाई करने और डॉक्टर बनने के लिए MBBS का एग्जाम देना होता था। मगर अब डॉक्टर बनने के लिए केवल एमबीबीएस की पढाई काफी नहीं होगी। अब से NEXT यानि नेशनल एग्जिट टेस्ट पास करके ही डॉक्टर की उपाधि मिल पायगी।
केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्रालय द्वारा मेडिकल कॉउंसिल संसोधन बिल 2016 तैयार किया गया है। जिसमें एमबीबीएस परीक्षा पास होने के उपरांत नेशनल एग्जिट टेस्ट परीक्षा पास होना अनिवार्य किया गया है, जिस के खिलाफ 1 फ़रवरी को देश भर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने NEXT नेशनल एग्जिट टेस्ट , M CI नेशनल कमिशन की नितियों के विरोधी में मोर्चा निकाल कर प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन ज़िला अधिकारी धुलिया को सौंपा। जिसमें मांग की गयी की विदेश से MBBS की परीक्षा पास करके आने वाले डॉक्टरों को नेक्स्ट परीक्षा पास करना अनिवार्य नहीं किया गया जो की देशी डॉक्टरों के साथ अन्नाय है।
क्रोस पैथी यूनानी आयुर्वेदिक डॉक्टरों को अलोपथी दवाईयां लिखने की अनुमति देना एक प्रकार से मरीजों की जान से खिलवाड़ है। सरकार से MCI की नितियों में परिवतर्न करके नेक्स्ट एग्जिट परीक्षा में बदलाव आदि मांगों का ज्ञापन डॉक्टर विजया माली , डॉक्टर सविता नायक , डॉक्टर पंकज देवरे ने ज़िला अधिकारी दिलीप पांडर पट्टे को दिया।
