मोहम्मद जाकिर, मैनपुरी ( उत्तर प्रदेश ), NIT;
पूरे देश में नोटबंदी के बाद से अब तक आम लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शादी-ब्याह और दूसरे जरूरी कामों के लिए कैश को लेकर दरबदर भटकने वाले अब चुनावी आचार संहिता का शिकार हो रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिकभोंगाव बस स्टैंड पर एक कार से 2 लाख 19 हजार 5 सौ रुपए बरामद किया गया है जो कि शादी के लिए ले जाये जा रहे थे। स्टेटिक मजिस्ट्रेट सर्विलांस प्रभारी मनोज प्रकाश ने क़स्बा इंचार्ज बलवान सिंह के साथ मिलकर यह कार्यवाही की है। आरोप है कि गाड़ी में बैठे मरीज की पट्टी खोलकर तलाशी ले गयी है कि कहीं पट्टी के अंदर छुपाकर नगदी तो नहीं ले जाई जा रही है। पुलिस ने वाहन स्वामी के पास इतने पैसे भी नहीं छोड़े जिससे कि वह जरूरत पडने पर आपनी गाड़ी का पंचर भी जुड़वा सके। वाहन स्वामी प्रवीण कुमार ने मीडिया को बताया कि वह अपनी भतीजी की लगन में जा रहा है। उसी के लिए वह पैसा लेकर जा रहा था।
दिल्ली से फर्रुखाबाद जा रहे पीड़ित ने भोंगाव पुलिस के सामने गिड़गिड़ाता कर कहा कि जितनी छूट सरकार दे रही है कम से कम उतनी रकम तो लौटा दो, मगर पुलिस व स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने एक न सुनी।
आपको बता दें 50 हजार से अधिक नगदी ले जाने पर सरकार ने प्रतिबन्ध लगा रखी है। अब सवाल यह उठता है कि जब नोटबंदी के समय शादी के लिए 2 लाख 50 हजार रूपये कैश निकालने की छूट दी गई थी तो अब यह सुविधा क्यों नहीं है? राजनीति लोगों से सांठ-गांठ कर करोडों रुपए कैश ब्लैक मनी पास कराने वाले अधिकारी आखिर आम लोगों के प्रति इतना चाक व चौबंद कैसे हो गए हैं ???
