वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय सहित खीरी जनपद में ‘डोंट मिस ए बीट’ (Don’t Miss a Beat) थीम के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को हृदय रोग के लक्षणों, कारणों और उचित उपचार के संबंध में जानकारी दी। साथ ही, सीने के दर्द को गैस समझकर नजरअंदाज न करने और ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
जिला चिकित्सालय खीरी में विश्व हृदय दिवस के अवसर पर ‘डोंट मिस ए बीट’ थीम के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस), जिला चिकित्सालय लखीमपुर खीरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों ने जनमानस को हृदय रोग के लक्षणों, कारणों और उचित उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय के साथ-साथ जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों—मितौली, बांकेगंज, रमियाबेहड़, फरधान, पलिया, बिजुआ, निघासन, गोला, पसगवां, फूलबेहड़, कुंभी, मोहम्मदी, धौरहरा, नकहा और खमरिया में भी जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हृदय शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसकी देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने समय पर लक्षणों की पहचान कर तुरंत उचित उपचार लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, मानसिक तनाव और जंक फूड का अत्यधिक सेवन हृदय रोगों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ‘डोंट मिस ए बीट’ थीम का मुख्य उद्देश्य यही है कि हम अपने दिल की सेहत को प्राथमिकता दें। सीने में भारीपन, सांस फूलना या जबड़े और बाएं हाथ में दर्द को कभी भी गैस या सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आर.पी. वर्मा ने बताया कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाना बहुत जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट का व्यायाम, ताजे फल-सब्जियों का सेवन और धूम्रपान तथा शराब से पूरी तरह दूरी बनाकर हृदय संबंधी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
एनसीडी सेल के डॉ. शिशिर पांडेय ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, इसलिए 30 वर्ष की आयु के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच अवश्य करानी चाहिए। उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और मधुमेह को नियंत्रित रखना स्वस्थ हृदय के लिए सबसे आवश्यक कदमों में से एक है।
डॉ. शिखर बाजपेई ने भी हृदय रोग से बचाव के संबंध में अपने विचार जनमानस से साझा किए और तनावमुक्त जीवन जीने की सलाह दी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. रचित मिश्रा, डॉ. सइय्यद मोहम्मद रजा, डॉ. इंद्रेश राजावत, स्टाफ नर्स नीरज वर्मा, स्टाफ नर्स सरिता सिंह, एनसीडी सेल ऑपरेटर महेंद्र, योगा इंस्ट्रक्टर राहुल वर्मा, जिला चिकित्सालय खीरी हेल्प डेस्क विभाग से पंकज कुमार शुक्ला, हेल्प डेस्क मैनेजर सुरेंद्र कश्यप, राम जी माथुर, स्टाफ नर्स सर्वेश वर्मा और वीरेश कुमार सहित अस्पताल का स्टाफ एवं आम जनमानस उपस्थित रहे।

