मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

शहर के पांढरकवड़ा रोड स्थित ‘आस्मा बहुउद्देशीय संस्था’ द्वारा संचालित ‘संजीवनी निवासी मतिमंद शाला’ में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मुहम्मद आसिम अंसारी ने जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी को शिकायत सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में वास्तविक विद्यार्थियों की संख्या और रिकॉर्ड में दर्ज संख्या में अंतर है तथा कथित तौर पर सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए फर्जी नाम दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा, स्कूल में कर्मचारियों की नियुक्ति, उनकी उपस्थिति और सरकारी वेतन के उपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में वास्तविक विद्यार्थियों की संख्या और रिकॉर्ड में दर्ज संख्या में अंतर है तथा कथित तौर पर सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए फर्जी नाम दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा, स्कूल में कर्मचारियों की नियुक्ति, उनकी उपस्थिति और सरकारी वेतन के उपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मिलने वाले पोषण आहार, शैक्षणिक सामग्री तथा आवश्यक उपकरणों के वितरण में अनियमितता की जा रही है। विशेष शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मिलने वाले पोषण आहार, शैक्षणिक सामग्री तथा आवश्यक उपकरणों के वितरण में अनियमितता की जा रही है। विशेष शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी जांच की मांग की गई है।अंसारी ने प्रशासन से स्कूल का विशेष लेखा परीक्षण, बैंक खातों और छात्र संख्या की जांच तथा अचानक निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई और आवश्यक होने पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
अंसारी ने प्रशासन से स्कूल का विशेष लेखा परीक्षण, बैंक खातों और छात्र संख्या की जांच तथा अचानक निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई और आवश्यक होने पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायत में कहा गया है कि दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनके लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता गंभीर मामला है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में जांच और कार्रवाई नहीं होने पर वह संबंधित उच्च अधिकारियों तथा सक्षम न्यायिक एवं भ्रष्टाचार निरोधक संस्थाओं के समक्ष मामला उठाएंगे।

