अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने एवं लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए भोपाल क्राइम ब्रांच ने साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। जारी एडवाइजरी में नागरिकों से अपील की गई है कि व्हाट्सएप पर आने वाली ZIP, EXE, DLL और APK जैसी संदिग्ध फाइलों को बिना जांचे-परखे बिल्कुल न खोलें।
क्राइम ब्रांच के अनुसार साइबर ठग अक्सर “इनवॉइस”, “व्यू डिटेल्स” या “डॉक्यूमेंट” जैसे नामों से फाइल भेजकर लोगों को झांसे में लेते हैं। इन फाइलों में मैलवेयर हो सकता है, जिसे खोलते ही मोबाइल या कंप्यूटर का डेटा चोरी होने, व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने और बैंकिंग जानकारी लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।
एडवाइजरी में नागरिकों को सलाह दी गई है कि किसी भी फाइल का एक्सटेंशन पहले जांचें, भेजने वाले की पहचान की पुष्टि करें और केवल विश्वसनीय स्रोत से ही फाइल डाउनलोड करें। साथ ही व्हाट्सएप के लिंक्ड डिवाइस की नियमित जांच करने की भी सलाह दी गई है।
क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि अनजान ZIP, EXE, DLL या APK फाइलें न खोलें, किसी के साथ OTP, पासवर्ड, UPI PIN या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और किसी के कहने पर रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
यदि गलती से ऐसी फाइल खुल जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, सभी लिंक्ड डिवाइस से व्हाट्सएप लॉगआउट करें, पासवर्ड बदलें और एंटीवायरस से डिवाइस स्कैन कराएं। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या 9479990636, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
भोपाल क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

