अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
एआईएमआईएम प्रमुख और बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को राजधानी भोपाल पहुंचे। सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में आयोजित जनसभा में उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के बीच ओवैसी ने धार्मिक स्वतंत्रता, संवैधानिक अधिकारों और मुस्लिम पर्सनल लॉ का मुद्दा उठाया।
ओवैसी ने कहा कि जिस तरह आदिवासी समुदायों की अपनी परंपराएं और कानूनी पहचान हैं, उसी तरह मुस्लिम समुदाय के भी अपने धार्मिक कानून और पहचान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के जरिए भारत की विविधता और अलग-अलग समुदायों की धार्मिक पहचान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और समुदायों के अधिकार संविधान में संरक्षित हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC के नाम पर गैर-हिंदू समुदायों पर हिंदू पर्सनल लॉ लागू करने की कोशिश की जा रही है।
जनसभा में ओवैसी ने हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू सक्सेशन एक्ट और अडॉप्शन-कस्टडी से जुड़े कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित करके ऐसा कानून लागू नहीं किया जा सकता।
रामेश्वर शर्मा के ‘मिसाइल’ बयान पर ओवैसी का पलटवार
सभा के दौरान ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के मिसाइल वाले बयान को लेकर भी तीखा पलटवार किया। ओवैसी ने कहा कि करोंद स्क्वायर से काजी कैंप पर मिसाइल गिराने की बात की जाती है।
ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा को संबोधित करते हुए चुनौती भरे अंदाज में कहा “रामेश्वर शर्मा, तुम माई के लाल हो तो बताओ कब लॉन्च करोगे। मैं अकेला काजी कैंप पर ठहरता हूं। आपके अंदर दम है तो गिराकर बताओ।”
ओवैसी के इस बयान से जनसभा में राजनीतिक माहौल और गरमा गया। उन्होंने अपने संबोधन में भाजपा नेताओं के बयानों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति और संवैधानिक अधिकारों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
ओवैसी ने UCC के मुद्दे पर एनडीए के सहयोगी दलों को भी अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की। उन्होंने टीडीपी, जेडीयू, चिराग पासवान, कुमारस्वामी और जयंत चौधरी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि इन दलों का भाजपा से अब भी कोई वैचारिक अंतर बाकी है, तो उन्हें UCC का विरोध करना चाहिए।
भोपाल की इस सभा में ओवैसी ने एक ओर UCC को लेकर भाजपा पर हमला बोला, वहीं रामेश्वर शर्मा के मिसाइल संबंधी बयान पर सीधे जवाब देकर सियासी बहस को और तीखा कर दिया।
ओवैसी ने भाजपा शासित राज्यों में मस्जिदों और कब्रिस्तानों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। वहीं, सागर जहरीली शराब मामले में मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग भी की। लव जिहाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि दो बालिग अपनी इच्छा से शादी करना चाहते हैं तो उन्हें रोकने वाले सरकार या दूसरे लोग कौन होते हैं।
सभा के दौरान ओवैसी ने सोवियत यूनियन का उदाहरण देते हुए भी RSS पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा मदरसे बंद किए जाने के बावजूद मुसलमानों ने अपने बच्चों को घरों में पढ़ाया।

