राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

कलेक्टर के निर्देश पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों के विरुद्ध चलाया जा रहा सघन चेकिंग अभियान सवालों के घेरे में आ गया है। शुक्रवार को परिवहन विभाग की टीम ने देवरी में जांच अभियान चलाकर एक वाहन को जब्त किया, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई।

बताया जा रहा है कि परिवहन विभाग की टीम ऐसे समय जांच के लिए पहुंची, जब अधिकांश स्कूल बसें और मारुति वैन बच्चों को लेकर निकल चुकी थीं। ऐसे में अभियान के दौरान कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्कूल संचालन के समय जांच की जाती, तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती थीं।
देवरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए स्कूल बसें और मारुति वैन संचालित हो रही हैं। कई निजी स्कूलों की मारुति वैन नियमों के विपरीत गैस किट पर चल रही हैं और उनमें क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किया जाता है। वहीं कई स्कूल बसें भी यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित हो रही हैं। कुछ निजी स्कूलों द्वारा जर्जर एवं खटारा बसों का उपयोग किए जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इसके अलावा कई स्कूल वाहनों पर नियमानुसार स्कूल का नाम, पता और निर्धारित रंग भी अंकित नहीं है, फिर भी उनका संचालन धड़ल्ले से जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परिवहन विभाग वास्तव में कलेक्टर के निर्देशों का प्रभावी पालन करना चाहता है, तो स्कूल समय के दौरान सघन जांच अभियान चलाया जाना चाहिए। इससे अवैध रूप से संचालित वाहनों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

