मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
एसडीएम सदर अतुल कुमार सिंह और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ता धरने पर बैठकर एसडीएम को हटाने और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि मंगलवार को वरिष्ठ अधिवक्ता रंजन बाबू मिश्रा, सतीश वाजपेयी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने एसडीएम के व्यवहार को लेकर विरोध जताया था। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक एसडीएम को हटाया नहीं जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
अधिवक्ताओं ने तहसील में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई है। विवाद के बाद तहसील प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच गतिरोध बना हुआ है।
वहीं, एसडीएम सदर अतुल कुमार सिंह ने संवाददाता मुबारक अली से दूरभाष पर बातचीत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि एक दिन पहले कुछ अधिवक्ताओं ने अपनी बात रखी थी। इसके अगले दिन दो-तीन अधिवक्ताओं ने सुनियोजित तरीके से वहां हंगामा करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए संबंधित लोगों को थाने बुलाया गया था। इसके बाद से अधिवक्ता धरने पर बैठे हैं।
एसडीएम ने कहा कि विधिक रूप से कोई भी व्यक्ति अपना कार्य करना चाहता है या शालीनता से अपनी बात रखना चाहता है, तो उसका हमेशा स्वागत है।
अधिवक्ताओं ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
धरने में घनश्याम किशोर मिश्रा, अध्यक्ष बार एसोसिएशन तहसील सदर; महेश वर्मा, महासचिव; रंजन बाबू मिश्रा, संरक्षक; मुकेश कुमार वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष; विपिन गुप्ता, कनिष्ठ उपाध्यक्ष; विपिन कुमार बाजपेई, संयुक्त सचिव एवं मीडिया प्रभारी; शरद शुक्ला, संयुक्त सचिव समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

