शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद गोरखपुर की बैठक शनिवार को राजघाट रामलीला मैदान स्थित कैम्प कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए घोषित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) वृद्धि को कर्मचारियों के साथ “धोखा” बताया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर कर्मचारियों को कम से कम 3 से 4 प्रतिशत डीए वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन मात्र 2 प्रतिशत बढ़ोतरी से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। मदन मुरारी ने इसे कर्मचारियों के साथ “मजाक” करार दिया।
पंडित श्याम नारायण शुक्ल, सौरभ कुमार श्रीवास्तव और अनूप श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कहा कि लंबे इंतजार के बाद आई यह घोषणा कर्मचारियों के लिए राहत नहीं, बल्कि असंतोष का कारण बनी है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच 2 प्रतिशत डीए पूरी तरह नाकाफी है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि सामान्यतः जनवरी से लागू होने वाले डीए की घोषणा मार्च में हो जाती है, लेकिन इस बार अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में घोषणा होने से कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया है। कर्मचारी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग के गठन और न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग भी कर रहे हैं। ऐसे में यह मामूली बढ़ोतरी “आग में घी” का काम कर रही है।
सरकार ने भले ही इसे राहत के रूप में पेश किया हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कर्मचारियों में आक्रोश साफ नजर आ रहा है। आने वाले समय में कर्मचारी संगठनों द्वारा विरोध-प्रदर्शन तेज होने के संकेत भी दिए गए।
बैठक में गोविंद जी, विनीता सिंह, अशोक पांडे, राजेश मिश्रा, बंटी श्रीवास्तव, इजहार अली, निसार अहमद, रामधनी पासवान, सूर्य वेद, मोहम्मद आरिफ, सुधीर श्रीवास्तव, आलोक सिंह, सच्चिदानंद पांडे, ओंकार नाथ राय सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।

