इस्हाक़ मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई करते हुए 15 तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से संबंधित प्रकरणों का आरसीएमएस पोर्टल पर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण न करने के कारण की गई है।
जानकारी के अनुसार संबंधित राजस्व अधिकारियों को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद लंबित प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इस पर कमिश्नर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी आगामी वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी।
जारी आदेश के अनुसार रीवा जिले के त्योंथर के प्रभारी तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला एवं हुजूर तहसील के नायब तहसीलदार तेजपति सिंह की एक-एक वेतनवृद्धि रोकी गई है। सतना जिले में रघुराजनगर के प्रभारी तहसीलदार सौरभ मिश्रा की दो, बिरसिंहपुर के प्रभारी तहसीलदार डॉ. शैलेन्द्र बिहारी शर्मा की एक तथा मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार वीरेन्द्र कुमार पटेल की दो वेतनवृद्धियाँ रोकी गई हैं।
सीधी जिले में सिहावल के जयप्रकाश पाण्डेय, बहरी के इंद्रभान सिंह, गोपद बनास के राकेश शुक्ला, कुसमी के नारायण सिंह तथा रामपुर नैकिन के आशीष कुमार मिश्रा की एक-एक वेतनवृद्धि रोकी गई है। वहीं सिंगरौली जिले में सिंगरौली की प्रीति सिकरवार, चितरंगी के नागेश्वर प्रसाद पनिका तथा माड़ा की जान्हवी शुक्ला पर भी समान कार्रवाई की गई है। इसके अलावा मैहर जिले के मैहर के जितेन्द्र पटेल और अमरपाटन के रामदेव साकेत की भी एक-एक वेतनवृद्धि रोकी गई है।
कमिश्नर ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें, अन्यथा भविष्य में और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

