शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
अप्रैल माह में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की कोर कमेटी की बैठक विकास भवन परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने की तथा संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने किया।
कमेटी के सदस्य अशोक पांडे द्वारा प्रस्ताव रखा गया कि आगामी कैबिनेट बैठक में माननीय मुख्यमंत्री जी से सभी कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों को पूरा करने तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की जाए। इस प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति जताई।
अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि परिषद सरकार से मांग करती है कि आगामी कैबिनेट बैठक में कर्मचारी हितों से संबंधित सभी मांगों को पूरा किया जाए। उन्होंने कोरोना काल में निलंबित किए गए भत्तों को बहाल करने, सभी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती करने तथा आउटसोर्सिंग प्रथा समाप्त कर नियमित भर्ती किए जाने की मांग रखी।
इसके साथ ही उन्होंने कैशलेस चिकित्सा योजना में ओपीडी को शामिल करने तथा नई पेंशन स्कीम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा का लाभ देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने जिस प्रकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की समस्याओं को समझा है, उसी प्रकार कर्मचारियों की समस्याओं को भी समझते हुए इन सभी जायज मांगों को कैबिनेट से पारित कराएं, अन्यथा कर्मचारी समाज आंदोलन की राह अपनाने को मजबूर होगा।
महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2013 में सांसद रहते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर नई पेंशन स्कीम समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी।
अब जबकि वे स्वयं प्रदेश के मुखिया हैं, उन्हें वर्तमान में माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इसमें विलंब होता है तो उत्तर प्रदेश में स्वयं पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।
बैठक में रूपेश श्रीवास्तव, मदन मुरारी शुक्ला, गोविंद जी, अशोक पांडे, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, अनूप कुमार, राजेश मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, इजहार अली, बंटी श्रीवास्तव, निशिकांत चौधरी, विनीता सिंह सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

