इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

भारतीय जनता पार्टी सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में जिला कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, बिजली बिलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी तथा पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर सरकार को घेरा गया। कांग्रेसजनों ने आरोप लगाया कि इन नीतियों के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में सरकार से महंगाई पर नियंत्रण करने, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आम जनता को राहत देने की मांग की।
गैस सिलेंडर मूल्य वृद्धि, अपर्याप्त उपलब्धता, बिजली दरों में अप्रत्याशित वृद्धि एवं पेट्रोल-डीजल की कमी के संबंध में महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्तमान समय में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते आमजन पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में लगभग ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में लगभग ₹115 की वृद्धि की गई है। वहीं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बिजली दरों में 4.80% की बढ़ोतरी कर जनता का जीवन और कठिन बना दिया गया है।
साथ ही पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से आम जनमानस को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में आमजन को हर मूलभूत सुविधा के लिए लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ रहा है। चाहे वह नोटबंदी का निर्णय रहा हो, कोरोना काल में ऑक्सीजन की उपलब्धता, किसानों के लिए खाद-बीज वितरण या राशन व्यवस्था—हर क्षेत्र में जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
मूल्य वृद्धि के कारण जहां एक ओर जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है, वहीं पेट्रोल-डीजल की कमी से परिवहन और किसानों के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
अतः महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया गया है कि इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए आम जनता की परेशानियों को ध्यान में रखकर गैस सिलेंडर और बिजली की बढ़ी कीमतों को वापस लेने हेतु सरकार को निर्देशित किया जाए।
यह प्रदर्शन एवं ज्ञापन जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

