अशफ़ाक़ क़ायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे स्थित दरगाह हज़रत ख़्वाजा हाजी मोहम्मद नजमुद्दीन साहिब सुलेमानी चिश्ती अलफारूकी रहमतुल्लाह अलैह के सज्जादानशीन व मुतवल्ली हुज़ूर नसीरे मिल्लत के खिलाफ इश्तियाक अहमद पुत्र गुलाम मोइनुद्दीन द्वारा वर्ष 2021 में एक सिविल दावा दायर किया गया था। इस दावे में पूर्व में हुए न्यायिक फैसलों और वसीयत को निरस्त करने की मांग की गई थी।
यह मामला इश्तियाक अहमद बनाम पीर गुलाम नसीर आदि शीर्षक से सिविल कोर्ट फतेहपुर में प्रस्तुत हुआ, जिसे ए.सी.जे.एम. फतेहपुर ने आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के तहत 10 नवंबर 2022 को खारिज कर दिया था।
इसके बाद अपील पर सुनवाई करते हुए ए.डी.जे. फतेहपुर ने 29 सितंबर 2025 को अपील स्वीकार कर फाइल पुनः सुनवाई के लिए निचली अदालत को भेज दी।
ए.डी.जे. कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए हुज़ूर नसीरे मिल्लत ने राजस्थान हाई कोर्ट में अपील दायर की।
आज 24 फरवरी 2026 को हाई कोर्ट ने ए.सी.जे.एम. फतेहपुर के फैसले को सही ठहराते हुए ए.डी.जे. कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया और वादी इश्तियाक अहमद पर ₹25,000 का जुर्माना भी लगाई।
निचली अदालतों में हुज़ूर नसीरे मिल्लत की ओर से पैरवी एडवोकेट दिनेश शर्मा ने की, जबकि हाई कोर्ट में एडवोकेट अमित सिंह शेखावत ने पक्ष रखा।
इस फैसले के बाद दरगाह शरीफ से जुड़े मुरीदीन, मुतवस्सिलीन और तमाम मुहिब्बीन ने खुशी जाहिर करते हुए एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।

