नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

2014-2019 देवेन्द्र फडणवीस सरकार द्वारा इंपीरिकल डेटा नहीं पेश किए जाने के कारण ओबीसी के राजकीय आरक्षण का मसला मुंबई हाइ कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में घसीटा गया। सात आठ सालों से महाराष्ट्र के तमाम निकायों की तिज़ोरी पर बीजेपी सरकार प्रशासक की शक्ल में हावी है। शायद सरकार नहीं चाहती थी की महाराष्ट्र में निकायों के चुनाव हो।

सुप्रीम कोर्ट की मेहरबानी से 288 नगर परिषद , नगर पंचायत के लिए मतदान करवाया जा चुका है जिनके नतीजे 21 दिसंबर को आएंगे। 15 जनवरी 2025 को मुंबई के साथ साथ सभी 29 महानगर पालिका के लिए वोटिंग और 16 जनवरी को वोटों की गिनती होगी। 50% आरक्षण की सीमा में अटकी जिला परिषद , पंचायत समितियों के लिए फरवरी 2025 में चुनाव संपन्न हो सकते हैं।

इसी बीच पहले चरण में समाप्त नगर परिषद नगर पंचायत चुनावों को लेकर दायर 36 याचिकाओं पर 14 जनवरी 2025 को मुंबई हाइ कोर्ट की तरफ से सुनाया जाने वाला फैसला जामनेर नगर परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव को तय करेगा जिसके बाद हो सकता है कि यह चुनाव जिला परिषद चुनाव के साथ करवाया जाए। पूर्व मंत्री सुरेश जैन जलगांव महानगर पालिका के नतीजों को नया मोड देने की क्षमता रखते हैं।
