नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भुसावल से जामनेर तक महाराष्ट्र पर्यटक विकास बोर्ड के फंड से बन रहे राज्य मार्ग पर 13 दिसंबर की शाम 7 बजे घटित हादसे मे तीन लोगो की मौत हो गई है। मिक्सर ट्रक ने सामने से आ रही ऑटो रिक्शा के परखच्चे उड़ा दिए। रिक्शा में सवार 8 यात्रियो में सरला और निकिता निंबालकर इन दोनो मां बेटी के साथ साथ प्रमोद गुरुभैय्या नाम का व्यक्ति मारा गया है । पांच घायलों को इलाज़ के लिए जामनेर उपजिला अस्पताल लाया गया उसके बाद पेपर बनाकर जलगांव जिला अस्पताल रवाना कर दिया गया।

समाज में शबेरोजगारी का आलम इस कदर बढ़ गया है कि सहायता के नाम पर उपजिला अस्पताल में इकठ्ठा होने वाली तमाशबीनों की हजारों फटफटिया कानून व्यवस्था और छोटे मोटे हादसों का कारण बन रही है। गिरीश महाजन 12 साल से राज्य सरकार में मंत्री है उनकी स्वास्थ सेवा की महिमा से प्रभावित हो कर केंद्र सरकार द्वारा जामनेर मे एक AIIMS (All India Institute Of Medical Science ) बनवा देना चाहिए था। लेकिन गंभीर बीमारियो से जूझते मरीजों और दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों को बीते 35 सालों से इलाज़ के लिए मुंबई और जलगांव सरकारी अस्पताल भेजा जा रहा है।
जामनेर बाईपास सड़क शुरू होती तो शायद कई हादसे टाले जा सकते थे। जनता का बाल बाल कर्ज़ में डुबोकर विकास के नाम पर कमीशन का घी खा रही सरकार के राज में निर्माणाधीन सड़के मासूम इंसानो की जान लेकर आदमखोर बन चुकी है। उक्त सड़क दुर्घटना में सड़क निर्माण के दौरान बरती जा रही लापरवाही की जांच की जानी चाहिए। महाराष्ट्र के किसी भी शहर मे चले जाइए गली मोहल्ले से सब वे , हाई वे , नेशनल वे सब कुछ A1 की कंपनी से आने वाले सीमेंट से बन रहे है। भारत मे सड़क हादसो के कारण होने वाली मौतो मे कितना इज़ाफ़ा हुआ है इसकी रिपोर्ट सरकार ने संसद मे अभी तक पेश नही की है।

