नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

पूर्व मंत्री सुरेश जैन के राजनीत से दूर होने के बाद बीजेपी ने जलगांव की दुर्दशा कर रखी है। लेवा और मराठा इन बड़े जाति समुदायों को सत्ता से बाहर कर गिरीश महाजन और गुलाबराव पाटील ने 11 साल से राजपाठ संभाल रखा है। जलगांव में अच्छी डामरी सड़कों के ऊपर घटिया कांक्रीट बिछाकर ठेकेदारों द्वारा कमीशन का करोड़ों रुपया हड़प कर लिया गया है। अजंता चौफ़ुली-चित्रा चौक, आकाशवाणी-जिला परिषद समेत अंदरूनी इलाकों में सड़क के नाम पर गोबर के ओपलो की तरह छापा गया कांक्रीट हवा में मिलकर बीमारियां फैला रहा है।
इस काम में PWD का बड़ा रोल है तभी तो 2024-25 विधानसभा सत्र के कामकाज के दौरान विधायक एकनाथ खडसे द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद किए गए तबादले के बावजूद प्रशांत सोनवने जैसे अफ़सर 56 इंच का सीना तानकर जलगांव PWD चीफ़ की कुर्सी पर बैठे हैं। जिले के सभी शहरों में कांक्रीट सड़कों के काम करवाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र बीजेपी के सबसे सीनियर नेता गिरीश महाजन के गांव खेड़े जामनेर में बनी मुख्य सड़क आधी सीमेंट और आधी डामर की है। यह सड़क महाजन के 35 साल के राजनीतिक करियर में विकास का एकमात्र नमूना है। चुपचाप तरीके से चल रहा तोंडापुर-बोदवड सड़क का निर्माण कार्य बेहद घटिया है।
बी एन अग्रवाल के जिम्मे किए जा रहे काम बेहतर है लेकिन दूसरे ठेकेदार उससे गुणवत्ता की प्रेरणा नहीं ले रहे। राज्य सरकार की तिज़ोरी खाली होने के कारण विश्व बैंक से मिलने वाले फंड पर चल रही योजनाओं का करोड़ों रुपया लपकने के लिए बड़े-बड़े विकासक मंत्रियों के चुनावी मुनीमजी बनकर काम कर रहे हैं। वर्तमान समय में जलगांव की धरती पर काम कर रहे पुणे बीड परभणी अ.नगर नासिक गुजरात के बिल्डर्स 2026-27 में नासिक सिंहस्थ अर्ध कुंभ में अपनी प्रॉपर्टी में इज़ाफ़ा करेंगे। इधर आम मतदाता 5 किलो राशन और महीने का हज़ार 1500 रुपया पा कर अपना वोट बेच गुरबत में मौसम का मज़ा ले रहा है।

