गुलशन परूथी, मालनपुर (मप्र), NIT:

गोल्डन वर्ल्ड रिट्रीट सेंटर, मालनपुर में आज एक विशेष आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य संचालन एवं मार्गदर्शन केंद्र की प्रमुख संचालिका ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी द्वारा किया गया।

“शिकायत छोड़िए, धन्यवाद कीजिए” – बीके ज्योति दीदी
अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में बीके ज्योति दीदी ने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें रोजमर्रा की शिकायतों को छोड़कर “धन्यवाद” की भावना को विकसित करना चाहिए। दीदी ने बताया कि—
• सुबह उठते ही परमात्मा का धन्यवाद करें,
• परिवार के प्रति कृतज्ञता रखें,
• समाज में मिलने वाले हर सहयोग को सम्मानपूर्वक धन्यवाद दें,
• स्वयं को भी धन्यवाद दें और मन में नकारात्मक विचार न आने दें,
• प्रकृति माँ का आभार व्यक्त करें, जिसने हमें पाँचों तत्वों से निर्मित अद्भुत जीवन प्रदान किया है।
दीदी के संदेशों ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को गहरी प्रेरणा दी और कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
“बुजुर्गों का सम्मान सर्वोपरि” – सोनपाल घुरैया
जीएस कान्वेंट स्कूल के प्रिंसिपल सोनपाल घुरैया ने समाज में बुजुर्गों के सम्मान में हो रही कमी पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा—
“बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं। उन्हें सम्मान और स्नेह मिलेगा, तभी परिवार मजबूत और खुशहाल बन पाएगा।”
“मेरी संस्कृति ही मेरी पहचान” – बीके महेश
भोपाल से पधारे ब्रह्माकुमार महेश भाई ने भारतीय संस्कृति और मूल्यपरंपरा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि—
• अभिवादन में ‘नमस्ते’ का अधिक उपयोग बढ़ाएं,
• अतिथियों का सम्मान करें,
• घर के भोजन को प्राथमिकता दें,
• विदेशी वस्तुओं से परहेज़ कर स्वदेशी अपनाएं।
राजयोग अभ्यास एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाई-बहनों को राजयोग अभ्यास कराया गया। मंच संचालन बीके सृष्टि बहन ने सहजता और कुशलता से किया। नन्हे-मुन्ने बाल कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। सूरी नगर, ग्वालियर से आई बीके अर्चना बहन ने सभी को परमात्म स्मृति में ले जाकर गहन ध्यान कराया।
विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में बीके पूजा, अनामिका, अंजलि, खुशबू, महेश, प्रसाद, सुनील, नीलम, शशि, जानकी सहित अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे।

