अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

SIR गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया में उत्पन्न समस्याओं के निवारण तथा समय–सीमा बढ़ाए जाने के संबंध में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष निशात अली की अध्यक्षता में AIMIM के कार्यकर्ताओं ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में जनपद में संचालित SIR गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया में आम जनता को गंभीर व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के कारण प्रपत्रों को सही, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध रूप से भरना संभव नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में निम्नलिखित प्रमुख कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं—
1. प्रपत्र भरने के लिए प्रदान की गई अवधि अत्यंत कम (केवल एक माह) है, जिससे बड़ी संख्या में लोग समय पर अपना विवरण प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं।
2. अनेक परिवार अपने परिजनों के दीर्घकालिक उपचार हेतु बाहरी जनपदों/राज्यों में हैं, जिसके कारण उनकी उपस्थिति तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
3. कई ग्राम क्षेत्रों में गांवों की सूची एवं आवश्यक डेटा उपलब्ध न होने से प्रपत्र भरने की प्रक्रिया बाधित हो रही है।
4. ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग अल्पशिक्षित/अशिक्षित होने के कारण स्वयं प्रपत्र नहीं भर पा रहे हैं। इससे लोग विशेष व्यक्तियों पर निर्भर हो रहे हैं, और एक ही स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित हो रही है।
5. कई परिवारों में विशेष रूप से महिलाओं के प्रपत्र ससुराल एवं मायके—दोनों स्थानों पर अनजाने में भर दिए गए हैं, परंतु ऐसे मामलों को रद्द/संशोधित करने की कोई औपचारिक व्यवस्था या स्पष्ट दिशा–निर्देश उपलब्ध नहीं हैं। BLO स्तर पर भी इसका समाधान नहीं मिल पा रहा है।
6. सीमा क्षेत्र की विशेष समस्या: सिद्धार्थनगर जिला नेपाल सीमा से लगा है। यहाँ कई महिलाएँ नेपाल में जन्मी या पली-बढ़ी हैं और उनकी शादी भारत में हुई है। ऐसी स्थिति में उनके माता-पिता/अभिभावकों का विवरण 2003 की मतदाता सूची में उपलब्ध नहीं होता। BLO और हेल्पलाइन 1950 से भी संतोषजनक समाधान नहीं मिल पा रहा है।
7. अनेक लोगों द्वारा आवश्यक दस्तावेज कम समय में जुटा पाना संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे त्रुटियाँ बढ़ रही हैं।
इन परिस्थितियों को देखते हुए, जनहित में निम्नलिखित मांगें रखी गईं—
1. SIR गणना प्रपत्र भरने की अवधि को पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक अपना डेटा सही ढंग से प्रस्तुत कर सके।
2. त्रुटिपूर्ण अथवा दो बार भरे गए प्रपत्रों को कैंसिल/संशोधित करने हेतु अलग प्रक्रिया एवं ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध कराया जाए।
3. सभी ग्राम एवं वार्ड स्तर पर अद्यतन सूची, दिशा–निर्देश तथा तकनीकी सहायता BLO और स्थानीय निकायों को उपलब्ध कराई जाए।
4. भीड़ नियंत्रित करने और प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु अतिरिक्त काउंटर, कर्मियों तथा तकनीकी सहायता की व्यवस्था की जाए।
इस अवसर पर आज़ाद अहमद, नईम अख्तर अंसारी, शादाब खान, शम्स तबरेज़ खान, मकसूद अहमद, मोहम्मद रफ़ीक, शाहिद अंसारी, आसिफ इक़बाल, मेराज चौधरी, अब्दुल सलाम, साहब-ए-आलम, नियाज़ अहमद, अब्दुल अव्वल, इरफ़ान हुसैन, डॉ. ओबैदुल्लाह हाश्मी, ग़ालिब हुसैन आदि उपस्थित रहे।

