शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
एस आई आर सर्वे में कुछ अधिकारियों की असंवेदनशीलता से बीएलओ, लेखपाल द्वारा आए दिन आत्महत्या का संज्ञान लेते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक आपात बैठक पीडब्ल्यूडी संघ भवन पर हुई। अध्यक्षता करते हुए रुपेश श्रीवास्तव ने कहा कि एस आई आर सर्वे एक महत्वपूर्ण कार्य है। जिसके लिए प्रशासन बीएलओ, लेखपाल एवं संग्रह अमीनों को लगाया है। कहीं कहीं अधिकारियों की संवेदनहीनता कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है और वो आत्महत्या के लिए विवश हो रहा है। बीते तीन चार दिनों में कई बीएलओ एवं लेखपाल के सुसाइड की जानकारी मिली है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद इन कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगा।प्रशासन विशेषकर जिलाधिकारी स्वयं संज्ञान लेते हुए तहसीलदार उपजिलाधिकारी को बोलें कि सर्वे पूरा करना जरूरी है लेकिन किसी कर्मचारी को इतना भी न प्रेशर डालें कि वो निराश होकर मौत को गले लगाने के लिए विवश हो। हम जिलाधिकारी से उम्मीद करते हैं ऐसे जमीनी दुश्वारियों को महसूस करते हुए उपजिलाधिकारी, तहसीलदार को कहें कि काम पूरा कराने के चक्कर में संवेदनशीलता न खोवें तथ कर्मचारियों को प्रताड़ित न करें।वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ल ने कहा कि सभी अधिकारी तो नहीं लेकिन कुछ हैं जो लक्ष्य पूरा करने की होड़ में एस आई आर में लगे कर्मचारियों पर इतना ज्यादा दबाव बना रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में कुंठा निराशा और भय व्याप्त है। कुछ कमजोर दिल वाले कर्मचारी आत्महत्या कर ले रहे हैं। शासन ऐसे संवेदनहीन अधिकारियों की लगाम कसे, नहीं तो राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद काम रोकवाने और धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होगा। संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया। बैठक को उपस्थित अन्य पदाधिकारियों ने भी सम्बोधित करते हुए कहा कमजोर सर्वर एवं जनता की उदासीनता का खामियाजा सर्वे में लगे कर्मचारियों उठाने पड़ रहे हैं, ऊपर से अधिकारियों का प्रेशर इन कर्मचारियों की मौत कारण बन रहा है।जो उचित नहीं है।
बैठक में मुख्य रूप से रुपेश श्रीवास्तव, अशोक पाण्डेय, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, मदन मुरारी शुक्ल, इंजीनियर राम समुझ शर्मा,इं राजकुमार सिंह, इं नागेन्द्र मणि गुप्ता,अनुप श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, खुशबू शर्मा, रेनू, सुरेश सिंह,बंटी, इजहार अली,गगन जायसवाल, हर्षित,अविनाश,मनु आदि बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

