मध्यप्रदेश सरकार को खुली चुनौती देती डॉक्टर का ऑडियो वायरल: "मैं सरकारी नौकरी की मोहताज नहीं" | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश सरकार को खुली चुनौती देती डॉक्टर का ऑडियो वायरल: "मैं सरकारी नौकरी की मोहताज नहीं" | New India Times

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एक महिला डॉक्टर का कथित ऑडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में डॉक्टर न केवल एक पत्रकार से अभद्र भाषा का प्रयोग करती सुनाई दे रही है, बल्कि राज्य सरकार और विभागीय नियमों को भी खुली चुनौती देती नज़र आ रही है। वायरल ऑडियो में डॉक्टर यह कहते सुनी जा रही है कि “मैं किसी की मोहताज नहीं… सरकारी नौकरी की भी नहीं।”

ऑडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पत्रकारों में भारी रोष है। उनका कहना है कि एक सरकारी अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा और व्यवहार ‘सेवा आचरण नियमों’ का सीधा उल्लंघन है। लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में पहले से ही स्टाफ की कमी है, ऐसे में डॉक्टरों का अभद्र व्यवहार और नियमों को चुनौती देना एक बेहद गंभीर मामला है।

अस्पताल में डॉक्टरों की गैर-मौजूदगी बना बड़ा मुद्दा
स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों की लगातार गैर-मौजूदगी अब एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी अस्पताल ही स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य आधार हैं, इसके बावजूद डॉक्टर अक्सर समय पर नहीं पहुंचते, जिससे मरीज घंटों इलाज के लिए भटकते रहते हैं। अपनी मनमानी करते हुए डॉक्टरों द्वारा कथित रूप से किसी और से हाजिरी लगवाकर नौकरी करवाई जाती है।

मध्यप्रदेश सरकार को खुली चुनौती देती डॉक्टर का ऑडियो वायरल: "मैं सरकारी नौकरी की मोहताज नहीं" | New India Times

इस संबंध में कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की मनमानी और लापरवाही के चलते उन्हें मजबूरी में निजी क्लिनिकों का रुख करना पड़ता है, जहां महंगे इलाज का भार आमजन की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालता है।

अपनी मनमानी करते हुए डॉक्टरों द्वारा कथित रूप से किसी और से हाजिरी लगवाकर नौकरी करवाई जाती है। इस संबंध में कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की मनमानी और लापरवाही के चलते उन्हें मजबूरी में निजी क्लिनिकों का रुख करना पड़ता है, जहां महंगे इलाज का भार आमजन की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायतें कई बार स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर हर बार सिर्फ खानापूर्ति होती है। न तो उनकी हाजिरी पर सख्ती होती है और न ही कोई अनुशासनात्मक कदम लिए जाते हैं।

7 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी
संयुक्त प्रेस क्लब के सदस्यों ने पत्रकार मोहसिन चिश्ती के साथ हुई बदतमीज़ी को लेकर एस.डी.एम. जुन्नारदेव, कामिनी ठाकुर से मुलाकात की। एस.डी.एम. द्वारा इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। वहीं, पत्रकारों ने स्पष्ट कहा है कि 7 दिन के भीतर यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे। बी.एम.ओ. द्वारा इस मामले में टीम गठित कर आगे कार्रवाई करने की बात कही गई है।

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