मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में जलावर्धन योजना के तहत जलापूर्ति का कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत नगर निगम द्वारा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं — जिन्हें अमृत मित्र नाम दिया गया है — द्वारा प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर पानी के सैंपल लेकर उसकी टेस्टिंग की जा रही है।
नगर निगम महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले किसी के घर के पानी की जांच तभी की जाती थी जब शिकायत प्राप्त होती थी, लेकिन अब निगम द्वारा आजीविका स्व-सहायता समूहों की 10 महिलाएं बिना किसी शिकायत के ही नियमित रूप से घर-घर जाकर पानी की जांच कर रही हैं।
जांच के दौरान वे अपनी फोटो और वीडियो भी बनाती हैं, जिससे जियो टैगिंग की जा सके। अब तक सभी अमृत मित्र महिलाओं ने कई घरों के पेयजल की जांच पूरी कर ली है।
निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि ये किट डिजिटल हैं, जिनसे क्लोरीन, अमोनिया, टर्बिडिटी, पीएच और टीडीएस की जांच की जाती है। जलापूर्ति में पानी की गुणवत्ता का परीक्षण स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।
जल परीक्षण करने वाले इन समूहों का चयन शासन के निर्देशानुसार अभिरुचि आमंत्रण प्रस्ताव के माध्यम से किया गया है, जिसे नगर निगम की एमआईसी द्वारा स्वीकृत किया गया। वर्तमान में जल परीक्षण का कार्य 8 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। रेणुका माता स्व-सहायता समूह द्वारा वार्ड क्रमांक 10 में जल परीक्षण किया जा रहा है। प्रत्येक समूह को अपने वार्ड में प्रति माह 15 परीक्षण करने हैं, जिसके लिए प्रति परीक्षण ₹48 की दर से भुगतान किया जाएगा।
आयुक्त श्री श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षण के दौरान जलापूर्ति के समय पानी का टीडीएस, पीएच वैल्यू, मैलापन एवं गंध आदि की जांच की जाती है। यह रिपोर्ट और हितग्राहियों की प्रतिक्रिया स्व-सहायता समूह की महिलाएं मासिक रूप से निर्धारित प्रपत्र में जमा कराती हैं, जिसे नगर निगम के जल प्रदाय विभाग के अभिलेखों में दर्ज किया जाता है।

