नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस सरकार के डिप्टी सीएम अजीत पवार के बेटे पार्थ द्वारा किए गए सरकारी जमीन खरीद घोटाले की जांच से पहले क्लीन सर्टिफिकेट रेडी किया जा चुका है। पार्थ की एक लाख रुपए शेयर्स वाली कंपनी ने कोरेगांव क्षेत्र की 1800 करोड़ रुपए मूल्य वाली 40 एकड़ जमीन 21 करोड़ रुपए का चालान डुबोकर महज 500 रुपए के स्टांप 300 करोड़ मे खरीदी। घोटाले को लेकर सरकार ने जांच बिठा दी है। 2 दिसंबर को होने वाले ग्रामीण निकाय चुनावों में अजित पवार गुट को भारी नुकसान हो सकता है।

चुनाव से पहले गठबंधन में और नतीजों के बाद अजीत पवार गुट का एनसीपी शरदचंद्र पवार के साथ जाने का रास्ता फिलहाल बंद सा हो गया है। राज्य में एक सूर यह भी है कि सबसे अधिक भ्रष्टाचार विभाजनपूर्व एवं विभाजित एन सी पी ने किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस कांड की गूंज बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सुनाई देने लगी है। महाराष्ट्र में जिस प्रकार से सरकार बनाई गई है उसके कारण बीजेपी बिहार विधानसभा चुनाव हार सकती है। बीजेपी ने फेज 1 मे महाराष्ट्र के 200 निकाय जीतने की भविष्यवाणी की है।
तीन कैबिनेट मंत्रीयो वाले जलगांव में विपक्ष के नकारेपन के कारण सत्ता के बदौलत बीजेपी का पलड़ा भारी है। बीजेपी नेता गिरीश महाजन के जामनेर में बीते तीस साल से धन्ना सेठों के भरोसे राजनीति करता आ रहा विपक्ष धन के अभाव से अचेत अवस्था में है पर वोटर अपने अधिकार के प्रति जागरूक है। नतीजतन समाज का लाभ धारक क्रीम तबका शहर के लिए किसी सार्वजनिक इमारत की मांग भी करता है तो वो भयभीत हो कर करता है न कि स्वाभिमानी वोटर होने के नाते। फेज 2 में जिला परिषद पंचायत समितियां फेज 3 में जनमत से महानगर पालिकाएं चुनी जानी है।

