रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
मेघनगर के सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र श्रीवास्तव ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की। धार जिले के बदनावर क्षेत्र की लगभग 70 वर्षीय एक मूक-बधिर बुजुर्ग महिला अपनी बेटी के घर में रह रही थीं। वह बिना किसी जानकारी दिए घर से निकल पड़ी और भटकते हुए झाबुआ जिले के कल्याणपुरा क्षेत्र के पास घायल अवस्था में ग्रामीणों को मिलीं।
ग्रामीणों ने इस विषय की सूचना सेवा भावी कार्यकर्ता शंकर हटिला को दी। शंकर हटिला ने तुरंत बलराम बुंदेला के साथ मिलकर महिला को वाहन द्वारा स्थानीय अस्पताल पहुँचाया और प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद उन्होंने पूरी जानकारी मेघनगर के सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र श्रीवास्तव को उपलब्ध करवाई।
श्रीवास्तव ने महिला को आगे के उपचार के लिए झाबुआ जिला अस्पताल में भर्ती कराया तथा उनके परिवार का पता लगाने की कोशिश शुरू की। हमेशा की तरह इस बार भी सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार की पहचान कर ली गई।घुघरी गांव के नरेंद्र पोरवाल ने महिला की पहचान की और उनके परिजनों से संपर्क करवाया।
कुछ ही समय बाद महिला के भतीजे और बेटी जिला अस्पताल पहुँचे और सुरक्षित मिल जाने पर उन्होंने अस्पताल स्टाफ सहित श्रीवास्तव और सभी मददगारों का आभार व्यक्त किया। जिले के कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इस पुनीत कार्य के लिए राजेन्द्र श्रीवास्तव की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

