नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नतीजों को बीजेपी के पाले में लाने के लिए की गई साज़िश की परते खोलना शुरू कर दी है। बीजेपी की ओर से बतौर मुख्यमंत्री राज्य पर थोपे गए देवेन्द्र फडणवीस उनके मंत्री चुनाव आयोग के प्रवक्ता बनकर टीवी पर राहुल के आरोपों के विरोध में बेतुके बयान दे रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले में सरकार की ओर से पाकिस्तान के ख़िलाफ़ की जाने वाली सैन्य कार्रवाई से पहले आगे आगे देखो होता है क्या जैसे फिल्मी बयान देने वाले बीजेपी के मंत्री डोनाल्ड ट्रंप की दादागिरी पर गूंगे बने बैठे हैं।

New India Times ने 23 मई 2025 को एक न्यूज रिपोर्ट पब्लिश की थी जिसमें सवाल उठाया था कि आगामी निकाय चुनावों में वोटर लिस्ट सत्यापन बड़ा मुद्दा क्यों नहीं है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव घोटाले को सड़क से संसद और विदेश में उठाया है। चुनाव आयोग से पूरे राज्य की फेडरल वोटर लिस्ट मांगी जो आयोग की ओर से सरकार के दबाव में राहुल गांधी को अब तक नहीं दी गई है। दीवाली से पहले महाराष्ट्र में लोकल बॉडी के चुनाव होने हैं इसके पहले तमाम वोटर कार्ड्स EPIC नंबर को आधार कार्ड से लिंक किया जाना चाहिए। मृत वोटर्स के नाम सूची से काटने जरूरी हैं। गांव और शहरों की वोटर लिस्ट में दोबारा शामिल नाम बेसिक बूथ पर ही रहे। प्रशासन सरकार के दबाव और लालच से मुक्त कैसे बनेगा इसे आयोग को सुनिश्चित करना पड़ेगा। पर्ची लगी EVM के बारे में कांग्रेस ने फ़िलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है बशर्ते मतदान बैलेट पेपर से ही होने चाहिए यह विपक्ष और जनता की मांग है। लोकतंत्र में संख्याबल प्रमाण होता है, बीजेपी को याद रखना चाहिए कि सदन में विपक्ष 303 है।

