त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री प्रदेश में अवैध कॉलोनियों पर कार्यवाही को लेकर सख्त नज़र आ रहे हैं जिसको लेकर पूरे प्रदेश के आला अधिकारियों को आदेश देकर सख्त निर्देशित किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में जहां भी शासन के मापदंडों के बिना परमिशन की अवैध कालोनियां काटी जा रही हैं उन सभी अवैध कालोनी काटकर बेचने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के आदेश कलेक्टरों को दिए गए हैं जिसको लेकर सागर जिले के कलेक्टर संदीप जी आर द्वारा भी अवैध कालोनी वाले कॉलोनाइजरों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश सभी तहसीलों के एसडीएम-तहसीलदार को दिए गए हैं। वहीं ग्राम स्तर से लेकर नगरीय क्षेत्रों में अवैध कॉलोनी की जांच करने के लिए कहा गया है जिसको लेकर देवरी तहसील में एसडीएम द्वारा भी देवरी एवं केसली ब्लॉक के ग्राम स्तर से लेकर नगरीय क्षेत्र में अवैध कॉलोनी की जांच करने के लिए टीम गठित की गई है जिसमें नगरीय क्षेत्र में जांच हेतु तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ, उपयंत्री नगरपालिका, पटवारी, वार्ड प्रभारी, वहीं ग्राम स्तर पर जांच टीम में नायब तहसीलदार, जनपद सीईओ, ग्राम पंचायत सेक्टर उपयंत्री जनपद, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, ये जांच गठित टीमें अपने-अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों की जानकारी मय खसरा नंबर भूमिस्वामी का नाम कालोनाईजर के नाम व पता आदि का उल्लेख कर वर्तमान में कितने भूखंडों पर आवास निर्मित हैं तथा आंतरिक एवं बाह्य विकास कार्य की उपलब्धता के साथ हीं कालोनाइजर द्वारा कालोनी के सम्बन्ध में प्राप्त की गई विभिन्न अनुज्ञाओं को प्राप्त कर सयुक्त जांच प्रतिवेदन अधोहस्ताक्षकर्ता को आगामी 15 दिवस में प्रेषित करेंगे।

अब देखते हैं कि मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं एसडीएम के आदेश को मानकर जांच गठित टीम देवरी एवं केसली ब्लॉक की नगरीय एवं ग्राम स्तर की अवैध कॉलोनी की सही जांच करते हैं या केवल फॉर्मेलिटी कर सांठ-गांठ कर कॉलोनाइजरों को लाभ पहुंचाने के लिए गलत रिपोर्ट तैयार करते हैं। जानकारी के अनुसार यह तो स्पष्ट है कि देवरी केसली नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्राम स्तर पर सैकड़ों अवैध कॉलोनियों का खेल जोरों पर चल रहा है। लगातार अवैध कालोनियां शासन के बिना मापदंडों के काटी जा रही हैं और कॉलोनाइजरों के साथ मिलकर दलालों द्वारा लोगों को लूटने का काम किया जा रहा है। अब देखते हैं की देवरी केसली में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश का अधिकारियों द्वारा पालन होता है या सिर्फ कागजी कार्यवाही कर आदेश की लीपा पोती करते हैं।

