मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

उपभोक्ता अधिकार संगठन के अधिकार पदाधिकारी प्रीतम महाजन के प्रयासों से श्रम विभाग के माध्यम से बुरहानपुर टेक्सटाइल लिमिटेड (बीटी मिल्स) आसिफ फरीद नामक मजदूर निवासी निंबोला, जो कि मशीन पर अस्थाई हेल्पर था, को उक्त फर्म से 18000 रुपए मिलने का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस नियोजन में स्थाई मजदूरो को छोड़कर बाहरी क्षेत्र के मजदूरों को सुविधानुसार कार्य दिया जा रहा था। गरीब परिवार के उक्त युवक को इस महंगाई में घर चलना मुश्किल हो रहा था। जबकि उसे रोज़ाना कार्य की ज़रूरत थी।
इस के अलावा मज़दूरी भी कलेक्टर रेट से कम रुपए मिलने एवं रोजाना कार्य न मिलने पर मज़दूर आसिफ़ फरीद ने अपने स्वेच्छा से कार्य छोड़ने पर कार्य समाप्ति का हिसाब मिल्स प्रबंधक द्वारा ना मिलने पर उक्त मज़दूर ने उपभोक्ता अधिकार संगठन के पदाधिकारी प्रीतम महाजन से मज़दूर को उसके अधिकार के प्रति जागरूक किया। मज़दूर ने उपभोक्ता अधिकार संगठन के पदाधिकारियों के मार्ग दर्शन अनुसार श्रम विभाग में अपने हक़ अधिकार के लिए लिखित में शिकायत की। श्रम विभाग के अधिकारी द्वारा नोटिस जारी करने पर मिल्स प्रबंधक ने मज़दूर आसिफ़ फ़रीद को 18000 /-रुपए का चेक दिया गया। इस चेक की प्राप्ति पर मज़दूर आसिफ़ फ़रीद ने उपभोक्ता अधिकार संगठन पदाधिकारी प्रीतम महाजन का धन्यवाद एवं आभार माना।

