यूपी बजट में सिद्धार्थनगर की उपेक्षा से जनपदवासियों में निराशा: मणेन्द्र मिश्रा | New India Times

अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मणेन्द्र मिश्रा ने यूपी बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्ष 2026–27 का उत्तर प्रदेश बजट बुद्धभूमि सिद्धार्थनगर की दृष्टि से उपेक्षापूर्ण है। जिले के महत्व से जुड़े कपिलवस्तु, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कालानमक चावल सहित अन्य प्रमुख विषयों के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। भाजपा सरकार के अंतिम बजट से जनपदवासी निराश हैं।

श्री मिश्रा ने कहा कि सिद्धार्थनगर भारत-नेपाल सीमा से सटा होने के कारण उत्तर प्रदेश में विशेष महत्व का जिला है। तथागत गौतम बुद्ध की क्रीड़ास्थली होने के कारण इसकी प्रसिद्धि वैश्विक है। कालानमक चावल की खुशबू से यहां के किसान सुदूर देशों तक पहचान रखते हैं, लेकिन भाजपा सरकार के बजट में इन सभी बिंदुओं पर घोर उदासीनता दिखाई गई है।

भारत-नेपाल सीमा का प्रमुख केंद्र बढ़नी लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहा है। कपिलवस्तु में हर वर्ष पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन मुख्य स्तूप के आसपास बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं।

कालानमक चावल उत्पादक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय अपने विस्तार और आधुनिकता के लिए बजट की ओर देख रहा था। इसी प्रकार उद्योग-धंधों के विकास और युवाओं व श्रमिकों के रोजगार की उम्मीदें भी अधूरी रह गई हैं।

समग्र रूप से भाजपा सरकार के वर्तमान बजट में सिद्धार्थनगर को कोई विशेष सौगात नहीं मिली है।

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