अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
अधिमान पत्रकार महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री लक्षमी नारायन की भूमि जिला भोपाल के बाग सेवनिया थाना कटारा क्षेत्र के ग्राम बर्रीइ में हैं। उन्होंने अपनी खेत लगभग 8,10 वर्ष से ग्राम के ही विजय पुत्र गोविन्द राम को बटाई पर दे रखी थी। विजय दबंग होने के कारण उनकी भूमि पर अपना कब्ज़ा जमा लिया। पत्रकार द्वारा जब खेत खाली करने के लिये कहा गया तो विजय ने 20 लाख़ रूपये की मांग की साथ ही धमकी भी दी और कहा कि अगर रूपया नही दिये तो खेत खाली करवाने के लिये मत वरना जान से मार देंगे। उक्त बातों की शिकायत पत्रकार द्वारा 4,5 दिन पहले कटारा थाने में की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नही की गई।
शुक्रवार को विजय द्वारा धान की कटाई की जा रही थी जिस कि भनक पत्रकार को लगी। जब उसने रोकने का प्रयास किया तो आठ दस लोगों ने मिलकर हाथ पैर तोड़ कर मरा हुआ समझ कर नाली में फेंक दिया। स्थानीय लोगों में से किसी ने 108 एम्बूलेंस को इसकी सूचना दी जो तत्काल मौके पर पहुंच कर नाली से निकलवाकर होशंगाबाद रोड स्थिति सहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत गम्भीर बनी हुई है।
अधिमान्य पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल मालवीय ने NIT संवाददाता को बताया कि संभावित घटना के विषय में पत्रकार लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा ने 5 दिन पहले रिपोर्ट लिखाई थी लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। अगर कार्यवाही हो जाती तो आज यह घटना घटित ना होती।
अधिमान्य पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री देवेश गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष अनिल मालवीय और साथी पत्रकार सहारा अस्पताल में पहुंचकर कटारा हिल्स टीआई एसडीओपी एवं पुलिस प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों से फोन पर चर्चा करने के उपरांत आरक्षक महेश श्रीवास्तव अस्पताल में आए और जख्मी लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा की रिपोर्ट लिखी।
