वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

केंद्र सरकार की नौकरी से वीआरएस लेकर राजनीति में उतरे पूर्व विधायक के भाई आंनद अवस्थी ने बहादुरनगर में अपने आवास पर रविवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि कार्बाइन जैसे किसी हथियार से लैस बदमाशों के घर में घुसने के मामले में भी पुलिस लापरवाही बरत रही है। अब मुख्यमंत्री को पूरी घटना से अवगत कराएंगे। उन्होंने बताया कि सूचना देने के दस दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस अधीक्षक गणेश कुमार साहा ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम को सौंपी है। एएसपी कहते हैं कि मामले की गहराई से जांच चल रही है। इस लिए विलंब हो रहा है। आनंद ने बताया कि पुलिस ने मामले की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की है। साथ ही मीडिया व अन्य को फुटेज देने से भी मना किया था।
20 मार्च को आए पुलिस अधिकारी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस के अधिकारी ले गए। घटना 10-11 मार्च की रात की है। इसी दिन आनंद को अपने पुत्र अंकित के साथ ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलतुवा में फार्म हाउस पर जाना था। उन्होंने टीवी पर फुटेज भी दिखाए। फुटेज में दो बदमाश मिलकर सी सी कैमरों के तार काट देते हैं। 15 में से 11 कैमरों के तार कटे पाए गए। आनंद अवस्थी पुलिस की चुप्पी से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से उनकी जान जा सकती है।
उन्होंने बताया कि फार्म हाउस पर हुई घटना में कई सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं है। आनंद अवस्थी बताते हैं कि बदमाश घर में घुसे लेकिन किसी सामान को नहीं छुआ। सीसीटीवी कैमरे के तार काटे और चुपचाप चले गए। बदमाशों ने चोरी नहीं की तो क्या हत्या के इरादे से आए थे। इसके चार दिन बाद ही पूर्व विधायक के घर हुई 15 मार्च की रात की चोरी में सीतापर जिले के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना के खुलासे में आनंद अवस्थी की घटना का जिक्र तक नहीं किया।
मजबूरन आनंद अवस्थी ने पार्टी के नेताओं के साथ साथ मीडिया का सहारा लिया। आंनद बताते हैं कि घटना की जानकारी उन्हें 19 मार्च को तब हुई जब फार्म हाउस के मैनेजर ने दो कैमरों के तार कटे होने की सूचना दी। इसके बाद ही पूरा प्रकरण का खुलासा हो सका। पूर्व विधायक बाला प्रसाद के कहने पर पुलिस की एसओजी की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भी एक बदमाश के हांथ में कार्बाइन की पुष्टि की। आनंद अवस्थी कहते हैं कि पुलिस के लिए यह असलहा ही मुसीबत बना हुआ है। शायद इसी कारण अब तक घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उन्होंने बताया कि गन्ने का बीज बोवाई के लिए भेज दिया। शाम को उन्हें भी गांव पहुंचना था। देर हो गई तो वह रास्ते से लौट आए।
डाक अधीक्षक रहे आनंद अवस्थी ने बताया कि पुत्र अंकित अवस्थी वर्तमान में भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष हैं। आनंद अवस्थी ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद धौरहरा विधानसभा से भाजपा की टिकट भी मांगी थी। नहीं मिली तो प्रत्याशी की मदद में जुट गए। उन्होने स्वीकार किया कि उनकी भी लापरवाही रही। बताया कि 11 कैमरों के बंद होने को उन्होंने गम्भीरता से नहीं लिया। इस मौके पर भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष अंकित अवस्थी ने बताया कि उन्होंने जिले के सभी वरिष्ठजन को जानकारी दे दी है। अपने मामले को लेकर शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराकर घटना की रिपोर्ट दर्ज करने और मामले का खुलासा करने की मांग करेंगे।
