नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मुंबई हाई कोर्ट और राज्य विधी सेवा प्राधिकरण की ओर से पूरे महाराष्ट्र में आयोजित करवाए गए लोक अदालतों में हजारों लंबित मामलों में आपसी सहमति से समझौतों का ग्राफ काफ़ी अच्छा रहा। जामनेर न्यायालय में कुल 190 मामलों को अंतिम सुनवाई के बाद निपटा दिया गया जिसमें 65,49796 रुपए की रकम वसूली गई। 137 विवाद पूर्व मामलों में 50,29787 रुपए दिवानी फौजदारी के 53 मामलों में 15,2009 रुपए रकम वसूली गई। ग्राम पंचायत, नगर परिषद, राजस्व विभाग, बिजली बोर्ड जैसे जन सुविधादायि इकाइयों की ओर से दायर विवाद पूर्व मामलों को लोक अदालत में सुना जाना अथवा सुनने से पहले पक्षकार की ओर से सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करना इससे लोक अदालत का महत्व स्पष्ट होता है।

उक्त लोक अदालत में 28 साल से चल रहे एक विवाद को सुलझाया गया इस मुकदमें के लिए एड वी एस पाटील, एड पी एन देशमुख ने पैरवी की। पति पत्नी के बिच मनमुटाव से जुड़े घरेलू हिंसा के चार मसले जन सुनवाई में सफलतापूर्वक सुलझाए गए। न्यायालय के पैनल में न्या डी एन चामले, न्या बी एम काले शामिल थे। सरकारी वकील अनील सारस्वत, सहायक सरकारी वकील एड कृतिका भट, एड सितेष साठे, एड ए पी डोल्हारे, एड बी एम चौधरी, एड आर आर चव्हाण, एड एस एम सोनार, एड पी डी पाटील, एड आर बी पाटील, एड एन टी चौधरी समेत बार काउंसिल के सदस्यों ने कामकाज में योगदान दिया।
