100 की सूची में महाराष्ट्र से कितने मंत्री लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, सिटिंग सांसदों के कटेंगे टीकट, रावेर से गिरिश महाजन का टिकट जीत की गारंटी | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

100 की सूची में महाराष्ट्र से कितने मंत्री लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, सिटिंग सांसदों के कटेंगे टीकट, रावेर से गिरिश महाजन का टिकट जीत की गारंटी | New India Times

29 फ़रवरी को भाजपा की ओर से लोकसभा के 100 प्रत्याशियों के नाम की सूची घोषित होने जा रही है। भाजपा ने महाराष्ट्र की 48 सीटों का गणित लगभग फिक्स कर दिया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ विधनसभा में केंद्रीय मंत्रियों को जितवाकर भाजपा ने प्रमोशन में डिमोशन और डिमोशन से शासन यह नया फार्मूला विकसित कर लिया है। महाराष्ट्र से भाजपा के करीब दस बड़े नेता प्रमोशन पाएंगे, छह छह बार के विधायकों को वरियता सूची में उच्च स्थान मिलेगा। शिवसेना UBT को एक भी सीट नहीं देने का दावा करने वाले गिरिश महाजन को पहली सूची में रावेर सीट से टिकट घोषित कर दिया जाना चाहिए।

100 की सूची में महाराष्ट्र से कितने मंत्री लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, सिटिंग सांसदों के कटेंगे टीकट, रावेर से गिरिश महाजन का टिकट जीत की गारंटी | New India Times

सूत्रों के मुताबिक जलगांव और रावेर से भाजपा के वर्तमान सांसदों के टिकट कट सकते हैं। जलगांव सीट पर NCP शरद पवार की ओर से ऐन वक्त पर बड़ा दांव खेला जाएगा। 28 फरवरी को नरेन्द्र मोदी यवतमाल में है, गिरिश महाजन नेता जी के सभा की तैयारियां कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के चुनावी रैलियों के लिए भाजपा शासित राज्यों में सरकारी तिज़ोरी से करोड़ों रुपए खर्चा करने की दादागिरी चरम पर है। ED, CBI, Income tax के तमाम झमेलों से भाजपा के मूल ईमानदार नेता भी सुरक्षित नहीं हैं जिसके कारण इन नेताओं को शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर लोकसभा का चुनाव लड़ना गले की हड्डी बन गया है। कई नेता ऐसे हैं जो लोकसभा सूची से खुद का नाम कटवाने के लिए पार्टी को करोड़ों का चंदा देने को राज़ी बताए जा रहे है। 12 मार्च को आचार संहिता की अधिसूचना जारी की जानी है।

कब होगी CO पर कार्रवाई:- डेली बाजार वसूली ठेके में लाखों रुपए के गबन को लेकर सूचना अधिकार कार्यकर्ता भारत रेशवाल के शिकायती पत्राचार का मामला बड़ा रोचक बनता जा रहा है। DM ऑफिस ने जामनेर नगर परिषद को तत्काल प्रभाव से करवाई के निर्देश दिए हैं लेकिन कार्यवाही के नाम पर अब तक कुछ भी नहीं हो सका है। राजस्व प्रशासन की ओर से दोषी करार दिए गए जनप्रतिनिधि भाजपा में आने के बाद मंत्रियों के आदेश से बचाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक करार दी जा चुकी महाराष्ट्र की मंत्री परिषद संविधान की खुले आम धज्जियां उड़ा रही है।


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