वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का जिन्न फिर बोतल से बाहर निकल आया है। जानकारी के मुताबिक तहसील लखीमपुर क्षेत्र के श्रीनगर गांव स्थित सरकारी जमीनों पर गतदिनो पूर्व कुछ कब्जेदारों ने प्रधान व लेखपाल की जुगलबंदी से दीवार झोपड़ी व पिलर बना लिया था अवैध कब्जे की सूचना व शिकायतों के आधार पर तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह के नेतृत्व में लेखपाल कानूनगो सहित राजस्व अमला मौके पर पहुंच कर जायजा लेते हुए दो दिन के अन्दर कब्जा हटाने की कई जगहों पर नोटिस चस्पा किया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि साधन संपन्न लोगों ने अपने ऊंचे रसूखदारों की पहुंच व धन-बल की दम पर प्रधान पुत्र व क्षेत्रीय लेखपाल को अपने खेमे में मिलाकर बेशकीमती सरकारी जमीन पर बेहद आसानी से कब्जा कर लिया गया ईट व बालू सीमेंट मज़दूर मिस्त्री प्रधान पुत्र रफी ने दिया कुछ लोगों ने सोचा कि सरकारी योजना में कोई इमारत प्रधान जी बनवा रहे हैं फिलहाल ऐसे एक नहीं दो नही अनगिनत अवैध कब्जे के मामले हैं। समय-समय पर राजस्व विभाग अपने मनोरंजन के लिए इन फाइलों को बाहर निकालता रहता है कार्रवाई कुछ नहीं होती केवल कागजों का खेल होता है। कई बार नोटिस देने के बाद भी मामला सेटल कर लिया जाता है।
जानकारी के मुताबिक राजस्व विभाग की टीम सरकारी ज़मीनों के अतिक्रमणकारियों को 08 जनवरी 2024 को नोटिस चस्पा किया सभी को दो दिन तक सरकारी ज़मीनों पर से अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है फिलहाल नोटिस मिलने के बाद भी दबंग अतिक्रमणकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया उल्टे प्रशासन को यह कहकर चुनौती भी देते रहे कि कौन अतिक्रमण हटाएगा सब सेटिंग गेटिंग हो गई है प्रधान व लेखपाल साहब सब नीचे से ऊपर तक देख लेंगे आज तक क्षेत्र में किसी भी भूमाफिया को बेदखल करने की कार्रवाई करने का साहस प्रशासन नहीं कर सका है।
जानकारी मुताबिक सभी कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया जिसमें स्पष्ट निर्देश था की 10 फरवरी 2024 तक उक्त कब्जाधारक लोग सरकारी ज़मीन को खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन द्वारा इन्हें बलपूर्वक हटाया जाएगा। साथ ही अतिक्रमण हटाने में जो भी खर्च आएगा वह अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए तिथि निर्धारित की गई है वहीं इधर सरकारी जमीन के अवैध कब्जा धारक छुटभैय्ए नेताओं को लेकर तहसील, न्यायालय व राजनेताओं की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है।

