संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के 13 जनवरी को पन्ना के आदिवासी बाहुल्य ग्राम जनवार पहुंचने पर पन्ना डेवलपमेंट फोरम के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर उन्हें वन भूमि का सीमितकरण एवं जनवार हवाई अड्डे को प्रारंभ करवाई जाने की मांग की गई। सौंपे ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पन्ना जिला डेवलपमेंट फोरम द्वारा यह संज्ञान में लिया गया कि जिले में वन भूमि सहित नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है जबकि संविधान में किसी भी जिले में वन भूमि का क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
पन्ना जिले में कृषि भूमि एवं औद्योगिक विकास की आवश्यकता है जिससे आम जनता की प्रति व्यक्ति आय बढ़ सके वैसे भी पन्ना अत्यंत पिछड़ा ज़िला है। पत्थर खदानें हीरा खदानें व अन्य खदानें बंद होने से यहां के हज़ारों परिवार बेरोजगार हुए। आम जनता को रोज़गार के अवसर प्रदान करने हेतु पन्ना जिले में भी उद्योग व अन्य लघु उद्योग इकाइयां स्थापित होना चाहिए। दिए गए ज्ञापन में बतलाया गया है कि पन्ना का एकमात्र उद्योग एनएमडीसी हीरा खनन परियोजना भी वन भूमि व नेशनल पार्क के कारण प्रभावित हुआ था।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि संविधान के अनुसार 40 प्रतिशत भूमि वन विभाग को एवं शेष भूमि राजस्व विभाग घोषित किए जाने के लिए कार्यवाही की जाए। वही डेवलपमेंट फोरम के द्वारा दिए गए ज्ञापन में पन्ना जिले के सकरिया हवाई अड्डे को प्रारंभ करवाई जाने की मांग करते हुए कहा गया है कि पन्ना शहर से 11 किलोमीटर दूर सकरिया हवाई अड्डा बहु प्रतीक्षित से आयाम को जोड़ने हेतु आतुर है और सकरिया हवाई अड्डा क्षेत्रफल की दृष्टि से खजुराहो हवाई अड्डा से बड़ा है। जिसका द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उपयोग किया गया था।
सकरिया स्थित हवाई अड्डे को पुनः विकसित किया जाकर नियमित उड़ान हेतु भारत सरकार से अनुमति दिलाई जाए ताकि विकसित भारत का सपना साकार हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में पन्ना डेवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष अधिवक्ता विनोद तिवारी, सचिव साजिद खान, उपाध्यक्ष जगदीश जड़िया, अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह परमार, सलीम खान शामिल थे।
