उज्जैन की गलियों में अर्धनग्न अवस्था में लाचार भटकती रही रेप पीड़िता लेकिन तन ढकने एवं मदद के लिए कोई नहीं आया आगे | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

उज्जैन की गलियों में अर्धनग्न अवस्था में लाचार भटकती रही रेप पीड़िता लेकिन तन ढकने एवं मदद के लिए कोई नहीं आया आगे | New India Times

मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग रेप पीड़िता अर्धनग्न अवस्था में कई घंटों तक रिहाइशी इलाकों में लाचार भटकती रही लेकिन किसी का कलेजा नहीं पसीजा कि उसकी लाज को ढकने के लिए कोई कपड़े देदें।
एसपी सचिन शर्मा ने मीडिया से बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि एक नाबालिग लडकी मुरलीपुरा क्षेत्र में अर्धनग्न हालत में घूम रही है। सूचना के बाद उसे तत्काल थाने लाया गया, जहां वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। जब उसका मेडिकल करवाया गया तो पता चला कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। डॉक्टर ने बताया कि उसके प्राइवेट पार्ट्स में भी गंभीर चोटें थीं, जिसकी वजह से उसे तत्काल उपचार के लिए इंदौर भेज दिया गया।
एसपी सचिन शर्मा का कहना है कि नाबालिग की हालत काफी खराब थी, इसलिए उससे ज्यादा पूछताछ नहीं की गई। सचिन शर्मा ने बताया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होते ही एसआईटी टीम का गठन किया गया और क्षेत्र के 400 से अधिक कैमरों के फुटेज देखकर इस मामले में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस द्वारा बड़नगर रोड और सिंहस्थ बायपास क्षेत्र के जो सीसीटीवी फुटेज निकाले गए हैं, उसमें पता चला है कि नाबालिग के कपड़े खून से सने हुए थे और वह बदहाल स्थिति में घूम रही थी। नाबालिग उज्जैन की रहने वाली नहीं थी, इसलिए उसे किसी भी क्षेत्र की कोई जानकारी नहीं थी। उसने कुछ लोगों से बात करने का प्रयास भी किया लेकिन शायद लोग उसकी भाषा समझ नहीं पाए।
पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि नाबालिग उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली है। शायद वो पहले कभी उज्जैन नहीं आई है। पुलिस के लिए ये जांच का विषय है कि नाबालिग यहां कैसे पहुंची और आखिर उसके साथ किसने रेप किया।

पुलिस का कहना है कि वह पुलिस का यह भी कहना है कि जब उसकी हालत ठीक होगी तो उससे विस्तार से पूछताछ की जा सकेगी कि वह यहां कैसे और कहां से आई है और उसके साथ क्या वारदात हुई थी।
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि लोगों ने भले ही उसकी भाषा नहीं समझी लेकिन एक अर्धनग्न पीड़िता के तन ढकने और मदद करने के लिए क्या किसी भाषा समझने की जरूरत होती है?


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