एस.यू.सी.आई (कम्युनिस्ट) की बाढ़ के हालातों पर मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की अपील | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

एस.यू.सी.आई (कम्युनिस्ट) की बाढ़ के हालातों पर मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की अपील | New India Times

मध्य प्रदेश में बारिश ने भारी तबाही मचा रखी है। प्रदेश के कई ज़िले बाढ़ के चलते बुरी तरह से प्रभावित हैं। भयंकर बारिश से पूरा प्रदेश जलमग्न हो गया है। चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। ऐसे में एस.यू. सी. आई (कम्युनिस्ट) के राज्य सचिव कामरेड प्रताप सामल ने बाढ़ के हालातों पर चिंता जाहिर की है, और प्रभावित जनता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि इस संकट की घड़ी में पूरे प्रदेश की जनता बाढ़ पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

एस.यू.सी.आई (कम्युनिस्ट) की बाढ़ के हालातों पर मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की अपील | New India Times

गौरतलब है की भारी बारिश के चलते मध्य प्रदेश के धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा, खरगोन और सीमावर्ती जिलों में बाढ़ के हालात बने हैं और हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। हज़ारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं। जान माल का भारी नुकसान हुआ है।
कामरेड प्रताप सामल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि आपदा से परेशान हाल और पीड़ित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचे। उन्हें भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी वस्तुओं की कोई कमी ना रहे। पूर्व के अनुभव बताते हैं कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद ऐसे क्षेत्रों में डायरिया, फ्लू और अन्य बीमारियों का प्रकोप अत्यंत गंभीर रूप से बढ़ता है। इसे ध्यान में रखकर चिकित्सकों के दल भेजे जाएं दवाओं की आपूर्ति में कोई कमी ना रहे, और सघन सर्वे कर पीड़ित परिवारों की क्षति का समुचित आकलन कर क्षतिपूर्ति के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी एस.यू. सी. आई (कम्युनिस्ट) की मध्यप्रदेश इकाई भी राहत कार्यों में यथासामर्थ्य उतरेगी। पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेश के संवेदनशील लोगों से राहत सामग्री और दवाइयाँ एकत्र कर पीड़ितों की मदद का हरसंभव प्रयत्न करेंगे।

उन्होंने माँग की, कि किसानों की बर्बाद फसलों का अविलंब सर्वे हो, और उन्हें आर्थिक बदहाली से बचाने के लिए तुरंत पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। बाढ़ पीड़ित इलाकों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए डूब में आये स्कूल भवनों की मरम्मत और सफाई का काम भी आपदा प्रबंधन के तहत ही किया जाए।

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