शोहरतगढ़ में भारतीय बौद्ध महासभा की मण्डल स्तरीय बैठक सम्पन्न | New India Times

अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

शोहरतगढ़ सिद्धार्थ नगर कार्यकर्ताओं ने महान समाज सुधारक ई.वी.रामास्वामी नायकर को उनके जन्मदिवस पर याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। वक्ताओं ने गौतम बुद्ध एवं बाबा साहब के विचारों पर विस्तार से चर्चा किया।संगठन के द्वारा जल्द ही जनपद में बुद्ध अम्बेडकर ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा कराये जाने का निर्णय लिया गया। रविवार को स्थानीय कस्बे में स्थित चौधरी मैरेज हॉल में पूर्व सूचना के आधार पर दी बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इण्डिया का मण्डल स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया।सर्वप्रथम बौद्ध भिक्षु बुद्धरतन जी ने उपस्थित लोगों को त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण कराया। उपस्थित सभी लोगों ने पेरियार ई०वी० रामा स्वामी नायकर को उनके जन्मदिवस पर याद किया और श्रद्धासुमन अर्पित किया।

बैठक को सम्बोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि मण्डल अध्यक्ष बस्ती तिलकराम गौतम ने कहा कि दी बुदिस्ट सोसाईटी ऑफ इण्डिया की स्थापना सन 1954 ई० में स्वयं बाबा साहब डा.भीमराव अम्बेडकर ने किया था और इसके प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने। हमारा संगठन आज पूरे भारत में कार्य कर रहा है। हमारे संगठन का मुख्य उद्देश्य है कि जल्द से जल्द पूरे भारत को बौद्धमय बनाना।आगे कहा कि हमारा संगठन प्रत्येक वर्ष बुद्ध अम्बेडकर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा करवा रही है। जिससे कि छात्रों को बुद्ध एवं बाबा साहब के बारे में गहराई से जानकारी मिल सके।

विशिष्ट अतिथि जिलाध्यक्ष बस्ती अशोक कुमार बौद्ध ने कहा कि किसी भी संगठन का रीढ़ उसके कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी होते हैं। कार्यकर्ताओं को चाहिए कि यदि वे बाबा साहब के मिशन को पूरा करना चाहते हैं तो सभी लोग आज से ही तन-मन-धन से संगठन को मज़बूती प्रदान करने में लग जायें। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सिद्धार्थनगर राम मिलन गौतम ने सभी लोगों का आभार प्रकट किया और आगे कहा कि पूरी दुनिया के लोग बुद्ध को लाइट ऑफ एशिया के नाम से जानते हैं। गौतम बुद्ध हमारे ही जिले के कपिलवस्तु नामक स्थान में पले-बढ़े हैं। इसलिए हमारे जनपद के कार्यकर्ताओं
की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि शत-प्रतिशत पूरे जनपद को जल्द से जल्द बौद्धमय बनायें। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए मण्डल महासचिव केदारनाथ आजाद ने कहा कि बाबा साहब का भी सपना था कि भारत के लोग पूर्णतया बौद्धिस्ट बने। क्योंकि बौद्ध धम्म में कोई ढोग पाखंड, ऊचं नीच, छुआछूत व आडम्बर के लिए कोई स्थान नहीं है। बौद्ध धम्म एक वैज्ञानिक धर्म है। दुनिया के कई राष्ट्र आज बुद्ध को अपनाकर अपने देश व देशवासियों का चौमुखी विकास कर रहे हैं।

कार्यक्रम को प्रदेश सचिव रामबक्श गौतम, प्रदेश संगठक डा.शीश कुमार अम्बेडकर, मण्डल संस्कार प्रमुख बच्चा राम बौद्ध, जिला उपाध्यक्ष डा.जे.पी. बौद्ध व जयकिशोर गौतम, जिला सचिव अरूण कुमार भारती, तहसील अध्यक्ष इटवा अनिल कुमार गौतम, नौगढ़ अध्यक्ष सुरेन्द्र भारती, बांसी अध्यक्ष राधेश्याम बौद्ध व शोहरतगढ़ अध्यक्ष हरिश्चन्द्र भारती, जिला संरक्षक चन्द्रिका प्रसाद बौद्ध, करूणा शील बौद्ध, जिला संगठक मातादीन एवं महेन्द्र प्रसाद बौद्ध आदि लोगों ने सम्बोधित किया इस अवसर पर शिवचन्द्र भारती, चयन बहादुर,दीपक पुनिया,जोखू प्रसाद, सुनन्द बौद्ध, मारकंडे भारती, रामशंकर भारती, दधीचि कुमार, नागेन्द्र कुमार,अशोक कुमार गौतम, एम. एल. दिवाकर,समर सिंह चौधरी, अरविन्द कुमार, राम चन्द्र बौद्ध, श्याम बहादुर, नन्दलाल,अनिल अरविन्द कुमार, लेसराज, सन्तराम, कृष्ण पाल, प्रभूनाथ, लवकुश, वृजेश भारती, कामता प्रसाद, सर्वजीत आरती आदि सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।


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